Download Our App

Home » राजनीति » मोदी सरकार में नाम नहीं, काम बोलता है, कांग्रेस की सरकार में मनरेगा में कोई पारदर्शिता नहीं थी-जगदीश देवड़ा

मोदी सरकार में नाम नहीं, काम बोलता है, कांग्रेस की सरकार में मनरेगा में कोई पारदर्शिता नहीं थी-जगदीश देवड़ा

जबलपुर (जय लोक)। कांग्रेस की सरकार में जितनी भी योजनाएं शुरू की गई उन योजनाओं का नामकरण सिर्फ एक ही परिवार के नाम पर किया गया। बल्कि उन योजनाओं के नाम बदलकर भी कांग्रेस के एक ही परिवार के नाम पर किया गया जिससे उस परिवार का कोई लेनादेना ही नहीं हैं। जबकि भाजपा सरकार में जो भी योजनाओं के नाम बदले गए हैं उन योजनाओं के नाम एक ही परिवार को लाभ देने के उद्देश्य से नहीं किया गया। उक्त बातें आज पत्रकारवार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कही। जिन्होंने कांगे्रस सरकार पर एक ही परिवार को लाभ दिलाने का आरोप लगाया।

बड़ी संख्या में लोग कृषि पर निर्भर

श्री देवड़ा ने कहा कि ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों ने भारत की सामाजिक आर्थिक संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, ये केवल कमजोर परिवारों को आय की सुरक्षा नहीं देते बल्कि परिसम्पति निर्माण के साथ ग्राम विकास और सामाजिक स्थिरता के साधन भी हैं, बड़ी संख्या में लोग कृषि और उससे जुड़े कामों पर निर्भर है, इसीलिए मौसमी बेरोजगारी और आय में उतार चढ़ाव लगातार चुनौती बने रहते हैं। वर्ष 2006 में महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार अधिनियम (मनरेगा) ने इन समस्याओ को हल करने और मजदूरी रोजगार की गारंटी देने का प्रयास किया। कार्यक्रम शुरुआती वर्षों में तेजी से फैला और कई परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की, लेकिन कमजोर प्रशासन, भ्रष्टाचार और विकास उन्मुख दृष्टिकोण की कमी के कारण इसका दीर्घकालिक प्रभाव कमजोर रह गया।

विकसित भारत बनकर रहेगा

श्री देवड़ा ने कहा कि राम राज्य की स्थापना के लिए और महात्मा गांधी की भावना के अनुरूप है और वीबी-जीआरएएम जी बिल लाया गया है। आखिर कांग्रेस और इंडी गठबंधन को विकसित भारत और भगवान् राम के नाम से इतनी नफरत क्यों है? कांग्रेस कितनी भी साजिश रच ले, देश 2047 तक ‘विकसित भारत’ बन कर रहेगा।

125 दिन रोजगार की मिलेगी गारंटी

उन्होंने कहा कि नई योजना में काम के दिन ज्यादा होंगे तो साथ ही मजदूरों को पारिश्रमिक भी जल्दी मिलेगा। हर ग्रामीण परिवार को हर साल 125 दिन के रोजगार की गारंटी मिलेगी। वन क्षेत्र में काम करने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग के कामगारों को 25 दिन का रोजगार और अधिक मिलेगा। मनरेगा पर सबसे अधिक खर्च मोदी सरकार ने किया है। मनरेगा पर अब तक 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च हुए जिसमें मोदी सरकार ने 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

कांग्रेस ने योजनाओं पर दिया एक ही परिवार के लोगों का नाम

श्री देवड़ा ने कहा कि रोजगार योजना का नाम पहले से महात्मा गाँधी के नाम पर नहीं था। 1980 में इंदिरा गांधी ने सभी पुरानी रोजगार योजनाओं को मिला कर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम योजना का नाम दिया जिसे राजीव गाँधी ने जवाहर रोजगार योजना का नाम दे दिया। सोनिया-मनमोहन की सरकार ने 2004 में इसे नरेगा कर दिया गया जिसे फिर 2005 में मनरेगा किया गया। कांग्रेस की सरकार ने जब जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला था तो क्या यह पंडित जवाहरलाल नेहरू का अपमान नहीं था। इसी तरह, आवास योजना का नाम पहले ग्रामीण आवास योजना था, राजीव गांधी ने 1985 में इसका नाम बदल कर इंदिरा आवास योजना कर दिया था। अप्रैल 2005 में कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना कर दिया। हर योजना में इन्होंने गाँधी नेहरु (एक परिवार) के नाम जबरन डाले।

मोदी सरकार में नाम नहीं काम बोलता है

उपमुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने आगे बताया कि 2005 में मनरेगा शुरू हुई लेकिन अब ग्रामीण भारत बदल गया है। 2011-12 में ग्रामीण गरीबी 25.7 प्रतिशत से घटकर 2023-24 में 4.86 प्रतिशत रह गई। साथ ही, कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है और आजीविका में विविधता आई है। पुराना ओपन-एंडेड मॉडल अब आज की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से मेल नहीं खाता। 2005 में हमारी जरूरतें अलग थीं, अब हमारी जरूरतें अलग हैं इसलिए इस ग्रामीण रोजगार योजना को 2025 की आवश्यकताओं के साथ पुन: व्यवस्थित करना आवश्यक था। कांग्रेस की सरकार में मनरेगा में कोई ट्रांसपेरेंसी नहीं थी, अब इसमें रियल टाइम डेटा अपलोड होगा। जीपीएस और मोबाइल मॉनिटरिंग होगी और एआई के द्वारा फ्रॉड डिटेक्शन होगा। इससे सही लाभार्थियों को काम मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।

कांग्रेस की सरकारों में नामकरण

श्री देवड़ा ने आगे बताया कि कांग्रेस की सरकारों में देश के लगभग 600 संस्थानों, योजनाओं, पुरस्कारों के नाम गाँधी परिवार के नाम पर रखे गए। देश के खेल रत्न अवार्ड को भी राजीव गाँधी के नाम पर रखा गया जबकि खेल में राजीव गाँधी का कोई योगदान नहीं था। कांग्रेस पार्टी रे नेहरू-गांधी खानदान के सदस्यों के जन्मतिथि को राष्ट्रीय पर्व बना दिया और पुण्यतिथि को राष्ट्रीय शोक का दिन। कांग्रेस की सरकारों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री जैसे कई नेताओं के साथ दोयम दर्जे का बर्ताव किया।
पत्रकारवार्ता में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, इंदु तिवारी, प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, नगर भाजपा अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, ग्रामीण भाजपा के अध्यक्ष राजकुमार पटेल आदि उपस्थि रहे।

 

 

मटर महोत्सव में व्यंजनों की प्रतियोगिता और बायर-सेलर मीट

 

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » राजनीति » मोदी सरकार में नाम नहीं, काम बोलता है, कांग्रेस की सरकार में मनरेगा में कोई पारदर्शिता नहीं थी-जगदीश देवड़ा