
जबलपुर (जय लोक)। शहर के आसपास के हाईवे में वाहन चालकों से हो रही अवैध वसूली की कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। लेकिन इस मामले में कार्रवाही नहीं की जाती। वहीं जब लोकायुक्त ने कार्रवाही की तो एक आरटीओ आरक्षक और एक प्राईवेट कर्मचारी को पकड़ा गया। ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि रिश्वत लेने के लिए किसने प्राइवेट कर्मचारी को नौकरी पर रखा था। इतना ही नहीं शहर से गुजर रहे हाईवे पर एक जैसी स्थिति बनी हुई है। लेकिन कार्रवाही ना होने से वाहन चालकों को परेशान होना पड़ रहा है। लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले ने बताया कि निजी कर्मचारी को किसने काम पर रखा था इस मामले की जाँच की जा रही है।

लोकायुक्त टीम ने कल बरगी रोड पर कार्रवाई करते हुए अवैध वसूली के मामले में आरटीओ आरक्षक और उसके एक निजी सहयोगी को रंगे हाथ पकड़ा था। तथ्यों के अनुसार प्रशांत दत्तात्रेय जाधव जो नवी मुंबई के खारघर के निवासी और वाहन मालिक हैं उनकी दस गाडिय़ां बरगी मार्ग से उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में सामान लेकर आती जाती हैं।

कल वाहन नागपुर- जबलपुर हाईवे से गुजर रहा थे इसी दौरान बरगी के पास तैनात आरटीओ विभाग की आरक्षक श्वेता अहिरवार और उनके साथी निजी कर्मचारी मोहित साहू ने गाड़ी को बिना किसी परेशानी के निकालने के बदले में वाहन मालिक से 4500 रुपए की रिश्वत मांगी। क्योंकि वाहन चैकिंग और रिश्वत लेने के लिए यह छूट मोहित को किसने दी यह जाँच का विषय है।

Author: Jai Lok






