
जबलपुर (जयलोक)। बड़े ही आश्चर्य का विषय है कि सरकारी संपत्ति, सरकार की मिल्कियत होने के बाद भी हिंदुस्तान में लोहे की पटरियों पर दौड़ रही रेलगाडिय़ों पर ठेके के रूप में काम करने वाले वेंडरों और अवैध रूप से रेलगडिय़ों में सामान बेचने वाले वेंडरो का कब्जा बना हुआ है। उनकी गुंडागर्दी का आलम इसी बात से समझ आता है कि रेल में यात्रा कर रहे लोग अगर परेशान हैं और दी गई सुविधा का उपयोग करते हुए इसकी शिकायत रेल मंत्री से करते हैं तो यही गुंडे रूपी वेंडर शिकायत करने वाले यात्री के साथ चलती ट्रेन में मारपीट करते हैं। इसकी शिकायत जब फिर से रेल मंत्री तक पहुँची तो फिर जाँच की प्रक्रिया शुरू हुई। लेकिन इस पूरी घटना ने बड़ी गंभीरता के साथ यह सवाल उठा दिया कि आखिर भारतीय रेल किसकी है भारत सरकार की या फिर ऐसे गुंडे रूपी वेंडरों की? अभी तक मारपीट करने वाले पर क्या कार्रवाई हुई इसकी भी कोई जानकारी ना रेल मंत्रालय ने दी है ना किसी रेल मंडल ने।

ये है मामला
सोमनाथ एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री ने टे्रन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता की शिकायत रेल मंत्री के ट्विटर एकाउंट पर की थी। जिससे नाराज होकर वैंडरों ने उसके साथ जमकर मारपीट की। घटना रतलाम और बड़ोदरा रेल मंडल के बीच तीन दिनों पूर्व हुई थी। यात्री ने शिकायत में बताया कि उसने ऑनलाइन टे्रन में खाना आर्डर किया था। जब खाना उसके पास पहुँचा तो खाने की गुणवत्ता और दाम को लेकर उसने नाराजगी जाहिर की। उसकी वेंडर के साथ कहासुनी भी हुई। वेंडर के जाने के बाद इसकी शिकायत उसने रेल मंत्री के ट्विटर एकाउंट में की। जिसकी जानकारी वेंडरों के गु्रप को लगते ही सभी एकत्रित होकर उसे पीटने लगे। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।

Author: Jai Lok







