
जबलपुर जय लोक। शहर के एक ऐसे डॉक्टर जिनका हमेशा विवादों से नाता रहा है और कुछ दिन पहले ही वह खुद पुलिस के मेहमान बन चुके हैं, गरीब एंबुलेंस चालकों को जबरदस्ती मरीज को अपने स्मार्ट सिटी अस्पताल में भर्ती करने मारपीट करने के लिए बदनाम डॉ. अमित खरे एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वह आरोपी नहीं बना बल्कि पीडि़त बनकर उसने संजीवनी नगर थाने में एक कथित पत्रकार के खिलाफ ब्लैकमेलिंग की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच पड़ताल पूरी की। थाना प्रभारी बी डी द्विवेदी ने जयलोक को बताया कि सामने आई शिकायत के हर बिंदु की बारीकी से पहले जांच की और ब्लैकमेलिंग का मामला सही पाए जाने पर तत्काल पुलिस अधीक्षक व वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश प्राप्त कर कार्रवाई को अंजाम दिया।

मामला इसलिए भी बड़ा दिलचस्प है क्योंकि आरोप लगाने वाला भी अपने कृत्यों के कारण लंबे समय से विवादों में रहा है और जो आरोपी बना है उसके बारे में भी पुलिस के समक्ष कई संदिग्ध जानकारियां सामने आ रही हैं जिनकी बारीकी से तस्दीक की जा रही है। पूरी घटना का आधार यह है कि एक कथित पत्रकार ने बलात्कार और पास्को के झूठे मामले में फसाने की डॉक्टर अमित खरे को धमकी दी और 37 लाख रुपए की मांग की। डॉ. अमित खरे ने ऐसे किसी भी हरकत से इनकार किया तो आरोपी ने कहा कि कोई भी लडक़ी कहीं से भी खड़ी होकर यह रिपोर्ट दर्ज करवा देगी। परेशान डॉक्टर ने पुलिस की शरण ली। जाल बिछाया और कहा कि आरोपी को 10 लाख रुपए देने के लिए कछपुरा ब्रिज पर बुलाओ। पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी समेत उसके दो साथियों को रुपए लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता डॉ. अमित खरे ने बताया कि 27 फरवरी को उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम प्रवीण सिंह बताया और कहा कि उसे कुछ जरूरी बात करनी है जिसके बाद वो लगातार संपर्क में रहा और कुछ दिनों बाद डॉक्टर को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

आरोपी प्रवीण सिंह ने डॉक्टर को बताया कि एक लडक़ी उनके खिलाफ रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। वह इस मामले को रुकवा सकता है, लेकिन इसके बदले 37 लाख रुपए देने होंगे। बाद में बातचीत के दौरान आरोपी ने रकम घटाकर पहले 25 लाख और फिर 10 लाख रुपए तक कर दी।
कल रात करीब 9 बजे कछपुरा ब्रिज के पास डॉक्टर रुपए से भरा बैग लेकर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने बैग आरोपी को सौंपा, पहले से मौजूद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी प्रवीण सिंह और उसके दो साथी पवन कुमार देवक, ब्रिजेश समन निवासी रामपुर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पुलिस ने स्कॉर्पियो कार एवं एक न्यूज चैनल की माइक आईडी बरामद की है। संजीवनी नगर थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 308(1), 308(6) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
दुबई एयरपोर्ट के पास हमले की कोशिश सुरक्षा बलों ने नष्ट किए दो ड्रोन
Author: Jai Lok






