
जबलपुर (जयलोक)। शासकीय कॉलेज निवास के अतिथि शिक्षकों ने प्राचार्य पर जो आरोप लगाए उसकी जाँच के लिए टीम गठित की गई। टीम जाँच करने शासकीय कॉलेज भी पहँुची। लेकिन प्राचार्य द्वारा जाँच टीम की जिस तरह से आवभगत की गई उसे देखकर अतिथि शिक्षक घबराए हुए हैं। उनका कहना है कि इससे जाँच पर असर पड़ सकता है और परिणाम प्राचार्य के समर्थन में आ सकते हैं।
चार अक्टूबर को महाविद्यालय में प्रभारी प्राचार्य डॉ. श्रीमती सदन मरावी के विरुद्ध महिला अतिथि विद्वानों के निवेदन पर जांच कमेटी द्वारा जाँच की जा रही थी। जाँच की प्रक्रिया के दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सदन मरावी बार-बार जाँच परिसर में आती-जाती रहीं इतना ही नहीं जाँच कमेटी से व्यक्तिगत रूप से भेंट की तथा उनके उनके स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। साथ ही जांच के दौरान तेज आवाज में कुछ अतिथि विद्वानों के नाम लेकर उन्हें अपने पास बुलाना तथा दिए जा रहे उत्तरों के समय जानबूझकर बार-बार सामने से गुजरना जैसी गतिविधियाँ हुईं। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि जाँच के नाम पर उन पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा है।
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि जाँच पूरी तरह निष्पक्ष रही हो, ऐसा कह पाना कठिन है। जाँच के दौरान ऐसा बहुत कुछ देखने को मिला जिससे जाँच टीम ही सवालों के घेरे में नजर आ रही है। जिसमें जांच के एक दिन पूर्व प्राचार्य का मंडला अग्रणी महाविद्यालय जाना, वहीं पाँच सदस्यीय जांच कमेटी के एक सदस्य डॉ. टी. पी. मिश्रा का क्रीड़ा अधिकारी डॉ. संजय पाठक से घनिष्ठ मित्रता होना, जांच के दिन डॉ. संजय पाठक की महाविद्यालय में उपस्थिति, जांच के दौरान कमेटी द्वारा अतिथि शिक्षकों को बार-बार समझाइश देना तथा जांच समाप्त होने के उपरांत कमेटी के सदस्यों द्वारा प्रभारी प्राचार्य डॉ. सदन मरावी एवं पूर्व क्रीड़ा अधिकारी डॉ. संजय पाठक के साथ निवास स्थित शासकीय विश्रामगृह के पास जलपान करना ये सभी घटनाएं जांच की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न करती हैं। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि प्राचार्य जाँच को प्रभावित कर सकती हैं। साथ ही उन्होंने लोकल स्तर पर जाँच ना करने की माँग की है।
https://jailok.com/%e0%a4%95%e0%a4%ab-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%aa-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%ae%e0%a5%8b/
|
ReplyForward
|
Author: Jai Lok







