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संजय पाठक से जुड़े बढ़ते विवादित मामले मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री को देना पड़ रहे जवाब

विधानसभा में कांग्रेसी लगातार उठा रहे संजय पाठक से जुड़े मामले
सहारा भूमि एवं 443 करोड़ जुर्माना वसूली के मामले गरमाये
संजय पाठक से जुड़ी फर्मों ने जवाब पेश कर माँगे जाँच के 467 दस्तावेज
जबलपुर (जयलोक)। कांग्रेस से भाजपा में गए चर्चित विधायक संजय पाठक के साथ लगातार नकारात्मक घटनाक्रमों का सिलसिला जारी है। जानकार इसे उनकी राजनीतिक छवि के लिए हानिकारक भी मान रहे हैं। उनका भारतीय जनता पार्टी में अंदरुनी करंट और राजनीति हमेशा तेज बहाव में रहती है। भविष्य में उनसे जुड़े यह विवादित मामले उनके लिए समस्या खड़ी कर सकते हैं। हाल ही में विधायक संजय पाठक के परिजनों से जुड़ी माइनिंग कंपनी जो कि जबलपुर जिले के सिहोरा क्षेत्र में काम कर रही है पर खनिज चोरी का मामला बना था। इसके बाद अनुमति से अधिक खनिज निकाले जाने के मामले में आनंद माइनिंग कॉरपोरेशन निर्मला मिनरल्स और मेसर्स स्पेसिफिक एक्सपोर्ट कंपनी पर 443 करोड़ रुपए की जुर्माना राशि अधिरोपित की गई थी।
मुख्यमंत्री ने दी सदन में जानकारी
कांग्रेस विधायक के द्वारा उठाए गए सवाल पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को विधानसभा में इस बात की जानकारी दी की जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के द्वारा खनिज अधिकारी के माध्यम से 10 नवंबर 2025 को ही इन कंपनियों को वसूली से संबंधित नोटिस जारी किए जा चुके हैं और 15 दिन की समय अवधि दी गई थी। संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों की ओर से जवाब पेश कर और अधिक समय मांगा गया है। गुरुवार को इन फार्मो से जुड़े लोगों ने जबलपुर के खनिज विभाग के कार्यालय से जाँच प्रतिवेदन और अन्य दस्तावेजों की प्रतियों की माँग की है। खनिज अधिकारी अशोक राय ने बताया कि जारी किए गए नोटिस पर इन कंपनियों की ओर से जवाब पेश किए गए हैं। कंपनियों के द्वारा की गई जाँच कार्यवाही और उससे संबंधित रिपोर्ट के दस्तावेज मांगे गए थे जो उन्हें गुरुवार को पावती के साथ उपलब्ध करा दिए गए हैं। जाँच से जुड़े 467 पेज की रिपोर्ट की प्रति खदान संचालकों को भेजी गई है। अधिकारियों के मार्गदर्शन में आगे की कार्यवाही की जाएगी। जबलपुर जिले के सिहोरा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम टिकरिया और प्रतापपुर डूबियारा और अगरिया एवं ग्राम झिटी में आयरन ओर की खदानों का उत्खनन कार्य किया जा रहा था।
443 करोड़ पर जीएसटी और ब्याज अलग से
इन तीनों खदानों में स्वीकृत मात्रा से अधिक उत्खनन का कार्य किया गया। शिकायतकर्ता के द्वारा जब इन बातों को उठाया गया और जांच हुई तो यह पाया गया कि 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार 890 रुपए की वसूली का प्रतिवेदन तैयार हुआ इस राशि पर जीएसटी और ब्याज अलग से वसूल जाना है।
सहारा समूह के भूमि क्रय करने का मामला भी उठा विधानसभा में
कांग्रेस विधायक हीरालाल ने विधानसभा में यह सवाल उठाया कि विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों ने शहर की तीन जिलों की संपत्तियों को मिट्टी के भाव खरीदा जबकि इन संपत्तियों के विक्रय से जो राशि आनी थी उनसे हजारों लाखों लोगों को उनका फंसा हुआ पैसा वापस होना था। सवाल उठाया गया कि सहारा समूह की भोपाल जबलपुर एवं कटनी जिले में स्थित जमीन के विक्रय पत्रों के निष्पादन के समय कंपनियों ने जानबूझकर पंजीयक कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों से मिली भगत कर कम मूल्य दर्शाकर पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क की चोरी की। सरकार की तरफ से उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने जवाब प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि दो दस्तावेजों में न्यायालय कलेक्टर आफ स्टाफ में मुद्रांक प्रकरण दर्ज कर आदेश पारित किए गए हैं एक दस्तावेज में वसूली की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई है दूसरे में वसूली की कार्यवाही चल रही है।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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