
सनातन संस्था द्वारा आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि देश-विदेश से महत्वपूर्ण लोग यहां एकत्र हुए हैं। गोवा समुद्र तट पर बैठने की भूमि नहीं है, बल्कि परशुराम की पूजा करने की भूमि है, देवी की पूजा करने की भूमि है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से पता चला कि गोवा में 70 प्रतिशत से अधिक लोग हिंदू हैं।
जो लोग पहले गोवा का समुद्र देखने आते थे वे भारतीय संस्कृति देखने आते हैं! – डॉ. प्रमोद सावंत।
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सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले नगरी – पहले लोग गोवा में समुद्र के साथ-साथ अन्य चीजें देखने के लिए भी आते थे; इसके विपरीत, गोवा में सनातन संस्था का कार्य शुरू होने के बाद, नागरिक भारतीय संस्कृति और मंदिरों को देखने के लिए गोवा आए। गोवा सुखों की भूमि नहीं है, यह देवताओं की भूमि है। सनातन संस्कृति और शंखनाद महोत्सव से यहां की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पिछले 25 वर्षों से सनातन संस्था हिंदू धर्म के प्रसार का महान कार्य कर रही है।सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत बालाजी आठवले की 83वीं जयंती और संगठन के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में गोवा में गोवा इंजीनियरिंग कॉलेज, फार्मागुडी, फोंडा के प्रांगण में ऐतिहासिक ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गोवा सरकार की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले को शॉल, माला और उपहार देकर विशेष रूप से सम्मानित किया, जबकि देश की रक्षा में उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए डॉ. सच्चिदानंद परब्रह्म को सम्मानित किया गया।इस महोत्सव में सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवले एवं श्रीमती कुंदा जयंत आठवले की उपस्थिति सहित 23 देशों से 20,000 से अधिक श्रद्धालु उपस्थित रहे। डॉ. सच्चिदानंद परब्रह्म, साधकों और भक्तों के प्रेम के कारण अच्छा स्वास्थ्य नहीं होने के बावजूद भी महोत्सव में उपस्थित थे। डॉ. बालाजी आठवले के दर्शन कर उपस्थित भक्तगण एवं हिन्दू भाव विभोर हो गए। महोत्सव के प्रारंभ में शंखनाद, गणेश वंदना और वैदिक मंत्रोच्चार के बाद गणमान्यों ने दीप प्रज्ज्वलित किया।इस अवसर पर गोवा के कुंडाई स्थित दत्त पद्मनाभ पीठ के पद्मश्री सद्गुरु बह्मेशानंद स्वामीजी और सनातन बोर्ड के संस्थापक मा. देवकीनंदन ठाकुर, केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री. श्रीपाद नाइक, गोवा के ऊर्जा मंत्री श्री. सुदीन धवलीकर, गोवा राज्य के समाज कल्याण मंत्री श्री. सुभाष फलदेसाई, भाजपा के गोवा प्रदेश अध्यक्ष श्री दामोदर नाइक, कर्नाटक में मैसूर राजघराने के युवराज और मैसूर से सांसद श्री. यदुवीर कृष्ण दत्त चामराज वाडियार, ‘सुदर्शन समाचार’ के मुख्य संपादक श्री. सुरेश चव्हाणके, सनातन संस्था के प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस एवं श्री अभय वर्तक उपस्थित थे।
4 हिन्दुत्वनिष्ठों को ‘हिंदू राष्ट्ररत्न’ व 18 हिन्दुत्वनिष्ठों को ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार ! -सनातन संस्था की ओर से आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद’ महोत्सव में हिंदू धर्म जागृति और राष्ट्र रक्षा के लिए कार्य करनेवाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया । सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत बालाजी आठवले के 83वें जन्मोत्सव के निमित्त उनके शुभ हाथों से उत्तर भारत से 1 हिन्दुत्वनिष्ठ को ‘हिंदू राष्ट्र रत्न’ और 7 हिन्दुत्वनिष्ठों को ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सनातन संस्था के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस ने कहा, देश में विविध क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को ‘पद्म’, ‘पद्मभूषण’ और ‘पद्मविभूषण’ पुरस्कार दिए जाते हैं; परंतु हिंदू धर्म के लिए जीवन समर्पित कर कार्य करने वालों को अब तक कोई सम्मान नहीं दिया जाता । इस कमी को पूरा करने के लिए सनातन संस्था ने यह पुरस्कार आरंभ किया है। सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी के जन्मोत्सव के निमित्त हर वर्ष यह पुरस्कार दिए जाएंगे। इसी अवसर पर ‘सनातन धर्मश्री’ पुरस्कार से सम्मानित होने वालों में उत्तर भारत से काशी-मथुरा के मंदिर मुक्ति के लिए लडऩे वाले सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन, दिल्ली के ‘सुदर्शन वाहिनी’ के प्रधान संपादक डॉ. सुरेश चव्हाणके, उत्तर प्रदेश के ‘प्राच्यम’ के संस्थापक कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी, दिल्ली के ‘सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन’ के श्री. उदय माहुरकर, दिल्ली के अग्नि समाज’ के संस्थापक श्री. संजीव नेवर, ‘सरयु ट्रस्ट’ दिल्ली के संस्थापक श्री. राहुल दीवान, हरियाणा के विचारक श्री. नीरज अत्री का समावेश है । सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन को ‘हिंदू राष्ट्र रत्न’ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया ।

Author: Jai Lok







