
भोपाल (जयलोक)। मध्यप्रदेश के हरदा जिले की खिरकिया तहसील के ग्राम मुहालकला स्थित समृद्धि वेयरहाउस में गेहूं के भंडारण को लेकर बड़ी अनियमितता सामने आई है। प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस में ऑनलाइन रिकॉर्ड से कहीं अधिक गेहूं पाए जाने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। अधिकारियों ने इसे संभावित बड़े घोटाले से जोड़ते हुए जांच शुरू कर दी है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीते बुधवार को एसडीएम शुभांगी बघेल और जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) योगेश मालवीय सहित अन्य अधिकारियों की टीम ने उक्त वेयरहाउस का निरीक्षण किया था। अधिकारियों को जांच में करीब 8007 बोरे, यानी लगभग 4003.5 क्विंटल गेहूं और करीब 1100 क्विंटल खुला गेहूं मिला। इस प्रकार कुल स्टॉक लगभग 5103 क्विंटल आंका गया। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि कुल स्टॉक में से केवल 577 क्विंटल गेहूं का ही वैध बिल उपलब्ध था। वहीं, 12 किसानों के करीब 600 से 700 क्विंटल गेहूं के बिल बनाए जाने बाकी थे। इसके अलावा लगभग 3800 क्विंटल गेहूं ऐसा पाया गया, जिसका न तो कोई रिकॉर्ड मौजूद था और न ही उसकी स्लॉट बुकिंग की गई थी। जांच उपरांत एसडीएम की मौजूदगी में इस संदिग्ध गेहूं का पंचनामा तैयार किया गया। अब प्रशासनिक अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि बिना स्लॉट बुकिंग के इतनी बड़ी मात्रा में गेहूं वेयरहाउस तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका है। दावा किया जा रहा है, कि इस वेयरहाउस में खरीदी का कार्य सहकारी विपणन एवं प्रक्रिया संस्था मर्यादित, खिरकिया द्वारा किया जा रहा है, जो पिछले करीब 10 वर्षों से निष्क्रिय और डिफाल्टर रही है।
वहीं दूसरी तरफ कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने भी उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं, कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
Author: Jai Lok









