
जबलपुर (जयलोक)।

मध्य प्रदेश विधानसभा में 25 फरवरी को एक चौकाने वाली जानकारी दी गई है। इस जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा फर्जी ऑपरेटर इंदौर के बाद जबलपुर में हैं। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कांगे्रस विधायक अजय ङ्क्षसह द्वारा पूछे गए एक प्रशन के उत्तर में यह बताया गया कि इंदौर में फर्जी फर्म की संख्या दस है। तो जबलपुर दूसरे नम्बर पर है। जहां चार फर्जी ऑपरेटर फर्म संचालित हो रही है।

यह बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-2026 में कुल 437 करदाताओं पर मप्र माल और सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 67 के अंतर्गत निरीक्षण सर्च एवं सीजर की कार्रवाही की गई है। इनमें आयरन स्टील, सुपारी, गुटखा जैसे क्षेत्रों से संबंधित 127 करदाता शामिल हैं।
वहीं 50 लाख से अधिक कर अपवंचन के 140 प्रकरणों में जीएसटी अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाही की गई है। चौकाने वाली बात यह सामने आई है कि प्रदेश में इस वर्ष लक्ष्य से 0.75 प्रतिशत की कमी जीएसटी टैक्स कलेक्शन में आई है।

शहर में चल रही है जीएसटी की छापेमारी
शहर में पिछले कुछ दिनों से बड़े-बड़े संस्थानों पर जीएसटी की छापामारी की कार्रवाही की जा रही है। पिछले तीन दिनों से चंडोल मशीनरीज तथा तिलवारा स्थित होटल शॉन एलीजे के मालिकों की फर्मों की भी जाँच की जा रही है। कृषि उपकरण एवं मोटर्स के साथ अधारताल इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फेक्ट्री में भी जाँच की कार्रवाही चल रही है। अभी जाँच के निष्कर्ष क्या होंगे यह अभी सामने नहीं आया है।
क्या होगा फर्जी फर्मों का
सरकार ने जब खुद विधानसभा में यह जानकारी दे दी है कि जबलपुर में चार फर्जी फर्म ऑपरेटर काम कर रहे हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब सरकार की जानकारी में ये फर्जी ऑपरेटर आ चुके हैं। तब फिर इन फर्जी ऑपरेटरों पर अभी तक कोई कार्रवाही क्यों नहीं की गई। ये चार फर्जी फर्म ऑपरेटर बेखौफ होकर शहर में फर्जी फर्मों के कारोबार को बड़ी तेजी के साथ बढ़ा रहे हैं। वहीं ये फर्जी फर्म ऑपरेटर सरकार को करोड़ों रूपये की जीएसटी की चोरी कराकर नुकसान पहुँचा रहे हैं।
Author: Jai Lok






