
आदिम जाति कल्याण विभाग के उपायुक्त जगदीश सरवटे का भ्रष्टाचार का बड़ा खाता
जबलपुर (जयलोक)। आदिम जाति कल्याण विभाग के उपायुक्त जगदीश सरवटे के निवास, दफ्तर और अन्य ठिकानों पर चल रही आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की कार्रवाई के पहले 36 घंटे के दौरान ही जो खुलासे हुए हैं उससे यह तो स्पष्ट है कि सरवटे के भ्रष्टाचार का खाता काफी बड़ा है। वर्तमान स्थिति में उपायुक्त जगदीश सरवटे अपना मोबाइल बंद कर लापता हैं जिसे जाँच एजेंसी फरार मान रही है। ईओडब्ल्यू के डीएसपी मंजीत ङ्क्षसह ने बताया कि उपायुक्त सरवटे के भोपाल स्थित मकान का मूल्यांकन होना बाकी है। अन्य सामने आई संपत्तियों का मूल्यांकन हो चुका है। जिसकी रिपोर्ट सोमवार तक प्राप्त हो जाएगी। सरवटे मोबाईल बंद कर लापता हो गए हैं। आज भी जाँच दल ने उसके आधारताल स्थित निवास पर दबिश दी थी जहां केवल उनकी नौकरानी घर पर मिली अन्य कोई नहीं था। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अलावा जगदीश सरवटे के काले कारनामों के कारण अब वह आबकारी विभाग के भी आरोपी हैं और वन विभाग ने भी मामला दर्ज किया है। वन विभाग के द्वारा की गई कार्यवाही में जगदीश सरवटे की मां को जो बाघ की खाल पर बैठकर पूजा करती थीं उसे जेल यात्रा पर भेज दिया गया है। अभी तक की कार्यवाही के दौरान 12 करोड़ से अधिक की संपत्ति जांच एजेंसी के समक्ष आ चुकी है। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान 17 प्लाट, गाडिय़ां, कान्हा में रिजॉर्ट, जबलपुर मंडला रोड पर जायका रेस्टोरेंट,भोपाल होशंगाबाद रोड पर बंगला एक फ्लैट के दस्तावेज मिले हैं। जबलपुर के अधारताल इलाके में पैतृक मकान, बीमा कंपनियों में निवेश सहित लाखों के सोने चाँदी के जेवरात, नगद राशि 20 लाख 41 हजार बरामद हो चुकी है।

बाघ की खाल की होगी फोरेंसिक जाँच
उपायुक्त जगदीश सरवटे के निवास स्थान से बरामद हुई बाघ की खाल 5:30 फीट लंबी है और यह बताया गया है कि 30 साल पहले सरवटे की मां को यह खाल उनके ससुर के द्वारा दी गई थी जिसके ऊपर बैठकर वे पूजा करती थी। लेकिन इस प्रकार की पुरानी खालों का लाइसेंस वन विभाग बनाता था जो कि उनके पास नहीं था इसलिए इन्हें प्रकरण दर्ज कर जेल भेज दिया गया है वही बाघ की खाल को फोरेंसिक जांच के लिए वेटरनरी कॉलेज भेजा गया है।

Author: Jai Lok







