
जबलपुर (जयलोक)
भारतीय सिंधु सभा की प्रदेश स्तरीय बैठक नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर में भव्य रूप से आयोजित की गई। जबलपुर सिंधु सभा के संभागीय प्रभारी सोनू बचवानी ने बताया कि इस बैठक में प्रदेशभर से आए समस्त पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान संगठन की आगामी सामाजिक, सांस्कृतिक, सदस्यता अभियान एवं शैक्षिक गतिविधियों पर अलग-अलग सत्रों में विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। समाज के युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने तथा समाज के वंचित वर्गों के उत्थान हेतु ठोस योजनाएँ बनाई गईं।

भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वाधवानी, प्रदेश अध्यक्ष गुलाब ठाकुर तथा प्रदेश महामंत्री महेश थारवानी ने मंच को संबोधित करते हुए कहा कि सिंधी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और प्रेरणादायी है, जिसकी जड़ें विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक सिंधु घाटी सभ्यता तक जाती हैं। उन्होंने बताया कि ‘सिंधु’ शब्द से ही आगे चलकर ‘हिंदू’ और ‘हिंदुस्तान’ जैसे शब्द अस्तित्व में आए, जो इस बात का प्रतीक है कि सिंधियों और हिंदुओं की संस्कृति एवं परंपराएँ एक ही ोित से प्रवाहित हैं। विभाजन के उपरांत सिंधी समाज ने अपने अदम्य साहस, परिश्रम और उद्यमिता से पूरे भारत में नई पहचान स्थापित की तथा स्थानीय हिंदू समाज के साथ घुल-मिलकर सामाजिक एकता और राष्ट्रीय प्रगति को सुदृढ़ किया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मध्य प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि सामाजिक समरसता एवं सामाजिक उत्थान आज के समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि सिंधी समाज से उनका संबंध दो पीढिय़ों से रहा है। जब वे 2004 में पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़े थे, उस समय जबलपुर लोकसभा क्षेत्र में कटनी भी शामिल था और सिंधी समाज के लोगों ने अपने व्यय से उनके चुनाव में सहयोग किया था, जिसके लिए वे सदैव ऋणी रहेंगे। कैंट विधायक अशोक रोहाणी ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन की एकता, अनुशासन और सेवा भाव सिंधी समाज की प्रगति की नींव हैं। इस अवसर पर जबलपुर संभाग के प्रभारी सोनू बचवानी, भारतीय सिंधु सभा के नगर अध्यक्ष उमेश परवानी, रुचिराम गुरनानी, तारु खत्री, सुधीर भागचंदानी, गोल्डी ललवानी, महेश पुरसवानी, राजकुमार कंधारी, गोविन्द हिरानी, सुनील हिरानी, मयंक सुखवानी, मोहित रामचंदानी, सनी कुंगनी, विकास नोटनानी का विशेष योगदान रहा।

Author: Jai Lok







