
जबलपुर (जयलोक)। इस वर्ष होली पर्व पर भद्रा और खग्रास चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति है। आज होलिका दहन किया जाएगा, जबकि अगले दिन 3 मार्च को धुलंडी के दिन खग्रास चंद्र ग्रहण रहेगा। ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाएगा, जिसमें शुभ कार्य और मंदिर दर्शन वर्जित माने जाते हैं।

आज सोमवार 2 मार्च को होलिका दहन होगा, जिसका समय दो भागों में रहेगा। शाम को 12 मिनट का ही समय मिलेगा, जबकि अद्र्ध रात्रि में 1 घंटे 10 मिनट का समय उपलब्ध है। इस बार होली के दिन ही चंद्र ग्रहण रहेगा, जो इस पर्व को और दुर्लभ और विशेष बना रहा है। लोग ग्रहण और शुभ समय को ध्यान में रखते हुए अपने उत्सव का आयोजन करेंगे। ग्रहण काल 3.19 से 6.47 तक है। ग्रहण काल 3 घंटा 27 मिनट रहेगा।

जिसमें भारत के विभिन्न नगरों का विवरण स्पष्ट रूप से दिया जा रहा है। ग्रस्त उदित चंद्र ग्रहण में पर्वकाल चंद्रोदय के बाद प्रारंभ होता है। ग्रस्त होकर जब उदय चंद्रमा होता है तो उसका प्रभाव उसके बाद ही प्रारंभ होता है जो कि विभिन्न नगरों में अलग-अलग माना जाता है। जबलपुर में 6 बजकर 24 मिनट 23 मिनट पर्वकाल रहेगा।

आज शाम 6 बजकर 22 मिनट से लेकर आठ बजकर 53 मिनट का समय प्रदोष काल रहेगा और इसी दौरान होलिका दहन किया जाना शुभ और शास्त्र सम्मत होगा। ग्रहण के कारण इस बार रंगोत्सव धुरेड़ी 4 मार्च को खेली जाएगी। इसके चलते ही मध्य प्रदेश सरकार ने 4 मार्च की भी छुट्टी घोषित कर दी है।
Author: Jai Lok






