
जबलपुर (जयलोक)। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति डीएन मिश्रा की एकलपीठ ने 2.97 करोड़ रुपये सिवनी हवाला लूट कांड के आरोपित वीरेंद्र दीक्षित की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।

आरोपित इस मामले की मुख्य आरोपित तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे का बहनोई है। अभियोजन पक्ष का दावा था कि घटना के समय वीरेंद्र ने पूजा पांडे के साथ कई बार फोन पर बातचीत की व वाट्सएप संदेशों के माध्यम से उन्हें अपराध करने के लिए उकसाया। इन संदेशों को अपराध में सहभागिता का प्रमाण बताया गया था और वीरेंद्र को को गिरफ्तार किया गया था।

आवेदक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त, सुशील कुमार तिवारी, असीम त्रिवेदी व अनिल गौतम ने दलील दी कि आरोपों का आधार मुख्यत: काल डिटेल रिकार्ड और वाट्सएप चैट हैं, लेकिन आरोपित के मोबाइल से इन चैट्स की कोई ठोस रिकवरी नहीं हुई है। आरोपित और मुख्य आरोपित पूजा पांडे के बीच संपर्क घनिष्ठ रिश्तेदारी के कारण स्वाभाविक था, क्योंकि उस समय पूजा पांडे का बीमार पुत्र व सास वीरेंद्र के घर पर ही थे। आरोपित ने जांच में सहयोग किया व प्रथम पूछताछ के समय उसे गिरफ्तार नहीं किया गया था। चार्जशीट पहले ही दायर की जा चुकी है और मुकदमे का निर्णय होने में पर्याप्त समय लगेगा। आरोपित घटनास्थल पर उपस्थित नहीं था और राशि की बरामदगी मुख्य आरोपित के कार्यालय से हुई है।

क्या था मामला- उल्लेखनीय है कि अक्टूबर, 2025 में सिवनी के लखनवाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक कार से लगभग तीन करोड़ रुपये की अवैध हवाला राशि जब्त होने का दावा किया था। हालांकि, बाद में यह मामला पुलिस की साजिश के रूप में उभरा जब आरोप लगा कि पुलिस टीम ने जब्त राशि का एक बड़ा हिस्सा लगभग 1.5 करोड़ रुपये स्वयं हड़प लिया। इस घटना में तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे सहित 11 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया।
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Author: Jai Lok







