
निगम अपना काम कर रहा है नागरिकों को अपना काम करना होगा
जबलपुर (जयलोक)। स्वच्छता एक ऐसा शब्द है जिसमें बहुत बड़ी परिकल्पना और बहुत बड़ी जिम्मेदारी समाहित है। अब जब जबलपुर को देश के सभी शहरों में पांचवा स्थान मिला है तो लोग भी जागरूक होने लगे हैं।

इस बात की उम्मीद लोगों में जगी है कि हम भी अच्छा करके दिखा सकते हैं हमारा नगर निगम भी अच्छा करने का प्रयास कर रहा है। प्रयास अच्छे हुए हैं सार्थक हुए हैं इसी का परिणाम है कि देश के 4800 से अधिक शहरों के बीच हुई प्रतियोगिता में जबलपुर को पांचवा स्थान मिला है। दो वर्ग विशेष में भी अगर आज हम अच्छा कार्य कर पाए हैं तो यह जबलपुर के नागरिकों के सहयोग और उनकी जागरूकता का बड़ा उदाहरण है।
बात अगर स्वच्छता की की जाए तो उसमें एक संदेश और दो शब्द समाहित हैं स्व इच्छा स्पष्ट अर्थ है कि स्वेच्छा से ही स्वच्छता को अगले स्तर तक ले जाया जा सकता है।

यह बहुत बड़ा कठिन लक्ष्य नहीं है केवल जबलपुर के नागरिकों को जबलपुरिया होने का मनोभाव प्रबलता के साथ अपने मन मस्तिष्क में बैठाना होगा। जैसे इंदौर पूरे इंदोरियों का है और उसके मनोभाव के परिणाम हम कई सालों से इंदौर को प्रथम स्थान के रूप में देखते आ रहे हैं। यह जबलपुर के साथ भी हो सकता है। बस जबलपुर के लोगों को अपने शहर को अपना घर मानना होगा।

पान दुकान संचालक का सकारात्मक संदेश-शहर को अपने घर जैसा साफ रखें
सिविल लाइन क्षेत्र में डिलाइट होटल के सामने स्थित चौक से पान भंडार में कल वहां लगाए गए संदेश को देखकर मन में इस बात की इच्छा और प्रबल हुई कि अब शहर के लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता का स्तर बढ़ता जा रहा है। कोई भी बात पहले संदेश देने से ही प्रारंभ होती है फिर उस पर अमल किया जाता है। संदेश जब नागरिक ही देने लगें तो इसका असर भी जल्दी होता है।
चौकसे पान भंडार के संचालक अरुण चौकसे चर्चा हुई तो उन्होंने बताया कि वह रोजाना अपनी दुकान और आसपास के परिसर में चार से पांच बार झाडू लगाते हैं। दुकान में आने वाले ग्राहकों से भी अपील कर गंदगी न फैलाने की बात कहते हैं। दुकान में रखे डस्टबिन को भी प्रतिदिन धुलवाते हैं। इसके साथ ही संदेश देने के लिए उन्होंने अपनी दुकान के बाहर पोस्टर भी लगाया हुआ है कि शहर को अपने घर जैसा साफ रखें। यह सिर्फ एक अरुण चौकसे की सोच नहीं है बल्कि जबलपुर में कई लोग ऐसे कार्य कर रहे हैं। सराहनीय कार्य है यह समाज के सही मायने में सम्मानित लोग हैं जो अपनी जिम्मेदारियां को तो पहचानते हैं साथ ही अपने शहर के अन्य नागरिकों को भी इसके प्रति सजग करने का कार्य कर रहे हैं।
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Author: Jai Lok







