
जबलपुर (जयलोक)। शहर के मध्य में स्थित प्राचीन हनुमानताल के सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम द्वारा कराए जा रहे कार्यों को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद की स्थिति बन गई है। इस विवाद में यह आरोप लगा है कि हनुमानताल के कार्य में भ्रष्टाचार हुआ है वहीं दूसरी ओर यह बताया गया है कि जिस ठेकेदार द्वारा कार्य किया जा रहा है उसे मात्र 12 लाख रूपये का भुगतान किया गया है।
वहीं इसी बीच हनुमानताल के कार्य को लेकर एक नया मामला प्रकाश में आया है जिससे यह पता चल रहा है कि कार्य करने वाले ठेकेदार पर नगर निगम द्वारा पहले ही कार्यवाही की जा चुकी है। इस कार्यवाही में पहले ही नगर निगम द्वारा संबंधित ठेकेदार को 30 जून को दो नोटिस जारी किए गए। जिसमें एक नोटिस में ठेकेदार पर दो लाख रूपये की पैनाल्टी लगाए जाने की जानकारी दी गई है वहीं दूसरी नोटिस में ठेकेदार से तालाब के विकास कार्य बंद रखने के संदर्भ में स्पष्टीकरण भी माँगा गया है।
सहायक यंत्री नगर निगम द्वारा हनुमानताल का विकास कार्य कर रहे मेसर्स साईं इंफ्रा निविदाकार 15वीं फायनेंस योजना हनुमानताल को जो नोटिस जारी किया गया है उसमें लिखा गया है कि आपकी संस्था को नगर पालिक निगम जबलपुर अंतर्गत हनुमानताल तालाब के विकास कार्य किए जाने हेतु कार्यादेश प्रदान किया गया था। उपरोक्त कार्य अंतर्गत आपकी संस्था द्वारा कार्य प्रारंभ किया गया एवं डी सिल्टिंग का कार्य किया जा रहा है। आपकी संस्था द्वारा यह कार्य किए जाने उपरांत लगभग एक माह से स्थल पर कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा है।
स्वीकृत कार्य अंतर्गत आपकी संस्था के द्वारा सरफेस ड्रेसिंग का कार्य भी किया जाना था उक्त कार्य अंतर्गत गत एक माह में स्थल पर अत्यधिक मात्रा में हरी घास उत्पन्न होने की स्थिति निर्मित हुई जिसे हटाने का कार्य किया जाना अपेक्षित है, यह कार्य किए जाने हेतु आपकी संस्था को कई बार निर्देशित किया गया किंतु आपकी संस्था द्वारा यह कार्य नहीं किया गया है।
गत एक माह से कार्य बंद होने के कारण कार्य प्रगति में व्यापक प्रभाव पढऩे से कार्य प्रगति गिरी है। उपरोक्त स्थितियों के दृष्टिगत कार्यालय में विभिन्न शिकायतें प्राप्त हो रही है जिसके परिपेक्ष में आयुक्त द्वारा अप्रसन्नता व्यक्त कर कार्य में तत्काल प्रगति लाने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्य करने वाली संस्था को निर्देशित किया गया कि तत्काल कार्य प्रारंभ किया जाना सुनिश्चित करें एवं किए जाने वाले कार्यों की सत्यापित वर्क प्लान (टाइमलाइन) के साथ अपना लिखित स्पष्टीकरण आयुक्त कार्यालय में स्वयं उपस्थित हो कर दो दिवस में प्रस्तुत करें। कार्यों में व्यापक प्रगति लाने हेतु निदेर्शों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए अन्यथा कार्यों को गंभीरता से ना करने, स्पष्टीकरण संतोषप्रद ना होने की स्थिति में संस्था पर अनुबंध अनुसार कंपनसेशन फॉर डिले के अंतर्गत रुपए दो लाख की पेनल्टी प्रस्तावित की जावेगी जिसके लिए आपकी संस्था स्वयं ही दोषी होगी।

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Author: Jai Lok







