
जबलपुर (जयलोक)। गैस की बढ़ती किल्लत के बीच शहर के होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों को यह सलाह दी गई है कि वह एलपीजी की जगह वैकल्पिक ईंधन का उपयोग करने के बारे में विचार करें क्योंकि अभी कामर्शियल गैस व्यवसायियों को नहीं दी जा रही है। वहीं घरेलू गैस का व्यवसायिक उपयोग प्रतिबंधित है।
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन, प्रभारी अधिकारी खाद्य शाखा संयुक्त कलेक्टर पुष्पेन्द्र अहके, प्रभारी जिला आपूर्ति नियंत्रक सुश्री सीमा बौरसिया, होटल एंड रेस्टारेंट ऐसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गयी। कलेक्टर कार्यालय में संपन्न हुई बैठक में होटल और रेस्टारेंट संचालकों से अपील की गयी कि होटल और रेस्टोरेंट में अथवा शादी समारोह में भोजन बनाने में भट्टी या तंदूर, इंडक्शन या इलेक्ट्रिक उपकरण, बायोमास पैलेट बायो फ्यूल या सोलर उपकरण सहित अन्य वैकल्पिक साधनों का अधिक से अधिक उपयोग करें ताकि एलपीजी की खपत को कम किया जा सके।होटल और रेस्टारेंट संचालकों से कहा गया कि अपने प्रतिष्ठानों के मैन्यू में इस तरह की भोजन सामग्री को शामिल करें, जिसे तैयार करने में एलपीजी का ईंधन के तौर पर कम उपयोग करना पड़े।पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शहर संजय अरोरा द्वारा बिजली का समुचित व सही तरीके से उपयोग किये जाने के संबंध में जानकारी दी गयी। ऑयल कम्पनी के नोडल अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि घरेलू गैस सिलेंडरों का जिले में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। व्यवसायिक गैस सिलेंडरों को वर्तमान में सभी शैक्षणिक संस्थाओं एवं हॉस्पिटल में नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। महाकौशल चैम्बर ऑफ कॉमर्स के कमल ग्रोवर तथा होटल ऐसोसियेशन के अध्यक्ष श्री छाबड़ा ने वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सभी प्रतिष्ठानों की ओर से प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया गया है।बैठक में बताया गया कि जिले में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर का व्यावसायिक गतिविधियों में उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित है। गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की रोकथाम के लिये जिले में राजस्व एवं खाद्य विभाग तथा पुलिस द्वारा निरंतर कार्यवाहियां की जा रही हैं।

घरेलू गैस की कालाबाजारी करने वालों पर होगी कार्रवाही – रसोई गैस की बढ़ती डिमांड और कालाबाजारी का रोकने के लिए कलेक्टर ने कड़ा रूख अपनाया है। रसोई गैस की कालाबाजारी को रोकने के लिए कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने दोषियों पर कठोर कार्रवाही करने के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रिक चूल्हा और गैस भट्टी जैसे उपकरणों की कालाबाजारी पर रोक लगाने विस्तृत आदेश जारी कर सभी अनुविभागीय दंडाधिकारियों, खाद्य अधिकारियों तथा नापतौल विभाग के अधिकारियों को कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये है। आदेश में कहा गया है कि कुछ प्रतिष्ठानों द्वारा इंडक्शन चूल्हा, इलेक्ट्रिक चूल्हा और गैस भट्टी जैसे आवश्यक उपकरणों को निर्धारित एमआरपी से अधिक मूल्य पर बेचकर उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

आदेश में इस विसंगति को दूर करने हेतु सभी अनुविभागीय अधिकारियों, जिला आपूर्ति नियंत्रक और नापतौल विभाग को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और केटरिंग संस्थानों में घरेलू सिलेंडरों के अवैध उपयोग की सघन जांच की जाएगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी भी व्यावसायिक संस्थान में घरेलू एलपीजी का उपयोग पाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस प्रदाय और विनियमन आदेश 2000 के प्रावधानों के अंतर्गत कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। अवैध भंडारण पाए जाने की स्थिति में सिलेंडरों को जब्त करने के साथ-साथ विके्रताओं द्वारा की जा रही कालाबाजारी या जमाखोरी पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। आदेश में सभी गैस एजेंसियों को भी निर्देशित किया है कि वे केवल पात्र उपभोक्ताओं को ही सिलेंडरों का वितरण सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल कार्यालय को उपलब्ध कराएं।

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Author: Jai Lok






