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1 महीने में बांधवगढ़ में तीसरे बाघ की मौत

पुटपुरा में बाघ की संदिग्ध हालात में मौत,करंट वाली फेंसिंग बनी जानलेवा
भोपाल /उमरिया (जयलोक)। सबसे अधिक टाइगर (बाघ) वाले राज्य का दर्जा प्राप्त टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश में बाघों का शिकार खुलेआम हो रहा है । वन विभाग के लिए बड़े शर्म की बात है कि पूरे देश-विदेश में बाघों की अधिक संख्या के लिए अपनी पहचान बन चुके बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक महीने के अंदर तीन बाघों की मौत हुई है । सूत्रों के अनुसार जिले के पुटपुरा गांव के खेरवहार क्षेत्र में एक बाघ का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। यह मामला धामोखर बफर जोन से सटे इलाके का है, जहां एक खेत में लगे फेंसिंग तार के पास बाघ मृत अवस्था में पाया गया। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि खेत की फेंसिंग में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से बाघ की मौत हुई। घटना स्थल ग्राम पुटपुरा स्थित खेरवहार का एक खेत बताया गया है, जो वन विभाग के कंपार्टमेंट क्कस्न 112, बीट पिपरिया के नजदीक आता है। यह स्थान वन क्षेत्र से लगभग 700 मीटर की दूरी पर स्थित है। सूत्रों के अनुसार बाघ की मौत करीब 24 घंटे पहले हो चुकी थी, लेकिन इसकी सूचना शुक्रवार शाम लगभग 4 बजे वन विभाग को मिली। जानकारी मिलते ही वन अमले की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया। किसी भी तरह की छेड़छाड़ रोकने के लिए बाघ के शव की निगरानी की जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शनिवार सुबह राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसमें पोस्टमार्टम, पंचनामा, वीडियोग्राफी और अन्य तकनीकी जांच शामिल रहेंगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर अवैध करंटयुक्त फेंसिंग के खतरे को उजागर कर दिया है। खेतों की सुरक्षा के नाम पर लगाए जा रहे ऐसे तार न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। पूर्व में भी इस तरह की घटनाओं में कई वन्यजीवों की मौत हो चुकी है, बावजूद इसके कुछ क्षेत्रों में यह लापरवाही जारी है।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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