
जबलपुर (जयलोक)। स्वतंत्रता दिवस पर इस बार नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय कारागार में बंद 12 कैदियों को जेल से आजादी मिली है। आज जो कैदी रिहा हुए हैं उनमें सभी जबलपुर संभाग के अलग अलग जिलों के हैं। जबलपुर जिले से एक भी कैदी को रिहा नहीं किया गया। जेल में वर्षों से सजा काट रहे इन कैदियों को उनके अच्छे आचरण के कारण सरकार की ओर से सजामाफी दी गई है।

आज इन कैदियों को रिहा किया गया इस दौरान रिहा हुए कैदियों ने दोबारा अपराध ना करने की बात कही और कहा कि वे अब अपना समय परिवार के साथ बिताएंगे। जेलर मदन कमलेश ने बताया कि जेल से रिहा हुए कैदियों में डिंडौरी, सिवनी, नरसिंहपुर, कटनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा जिलों के कैदी शामिल हैं। इनमें डिंडौरी के केवल बैगा, जनकर पुसाम, शिवचरण गोंड़, रंगीलाल गौड़ नरसिंहपुर के गुरुदयाल कोरी उर्फ गुड्डा, सिवनी के अशफाक खान, महिला बंदी हर्षलता उर्फ मुस्कान, कटनी के महेंद्र सिंह, रमेश तिवारी उर्फ भैयाजी, वीरेंद्र तिवारी उर्फ खोख्खल, छिंदवाड़ा के ज्ञानी चंद्रवंशी और बालाघाट के अरविंद महार उर्फ कालू शामिल हैं।

जेलर के अनुसार इन बंदियों ने अपनी सजा के दौरान जेल में अनुशासन, सहयोग और सुधारात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी दिखाई। इसी के चलते सरकार ने इन्हें समयपूर्व रिहाई का अवसर दिया है।
आँखे हुई नम कहा अब मिलेंगे परिवार से- जेल से रिहा हुए कैदियों ने जहां जेल में बंद अपने साथियों से विदा ली तो वहीं जेल से बाहर आते ही उनकी आँखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किए गए अपराध से उन्हें सालों अपने परिवार से दूर रहना पड़ा। लेकिन अब वे अच्छा जीवन व्यतीत करेंगे और अब अपना समय परिवार के साथ बिताएंगे।

Author: Jai Lok







