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2 कलेक्टर की शिकायतों पर निपट गए भ्रष्टाचारी डिप्टी कमिश्नर

6 करोड़ से ऊपर जाएगा संपत्ति का आंकड़ा
लॉकर खुलना बाकी और जेवर जमीन मिलने की संभावना

जबलपुर (जयलोक)। ईओडब्ल्यू की जाँच टीम उपायुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग के जगदीश सरवटे के काले कारनामों को खोलने में लगी है इसका अनुमान यह है कि भ्रष्टाचार की कमाई का आंकड़ा 6 करोड़ रुपए की आय से अधिक अर्जित संपत्ति से कहीं ऊपर जाएगा। अभी बैंक लॉकरों की जानकारियाँ सामने आना बाकी हैं। इन लॉकरों को खोलने की तैयारी की जा रही है। बैंक की लॉकर खोलने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी। जाँच दल को इस बात का भी संदेह है कि अभी और अधिक जेवर और जमीनों के दस्तावेज मिलने की संभावना है। जाँच कर रही टीमों को अपने-अपने सूत्रों के माध्यम से जो जानकारियाँ मिली हैं उसके अनुसार आय से अधिक संपत्ति का आंकलन और अधिक होगा और जप्ती का आंकड़ा भी बढ़ेगा।

 

आदिम जाति कल्याण विभाग के डिप्टी कमिश्नर के पद पर बैठे जगदीश सरवटे दो जिलों के कलेक्टरों के द्वारा की गई भोपाल में शिकायत के बाद निपट गए। यह गंभीर मामला प्रदेश शासन की संज्ञान में कुछ समय से आ रहा था। मंडला और सिवनी जिले के कलेक्टरों के द्वारा सरवटे के खिलाफ की गई आर्थिक अनियमिताओं की शिकायतें भोपाल तक पहुँचाने की जानकारी सामने आई है। इस बात से यह स्पष्ट हो गया कि आदिवासी कल्याण विभाग की कार्य प्रणाली में भ्रष्टाचार की कोई सीमा नहीं है।

 

जाँच दल के सामने इस बात का भी खुलासा हुआ है कि डिप्टी कमिश्नर पद के अधीन संभाग में आने वाले जिलों के आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी आते थे इसके साथ ही छात्रावास विकास और अन्य आर्थिक योजनाओं की स्वीकृति के साथ ही विभाग के अंदरूनी ट्रांसफर पोस्टिंग का अधिकार भी डिप्टी कमिशनर को प्राप्त था। मतलब स्पष्ट है कि यह पद पूर्ण रूप से मलाईदार था और इसी की मलाई जमते जमते 6 करोड़ तक पहुँच गई थी।
17 अचल संपत्तियां, मां के नाम पर 10 रजिस्ट्री, भाई के नाम पर फ्लैट
आदिम जाति कल्याण विभाग के उपायुक्त जगदीश सरवटे पर पड़े आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के छापे में अभी तक 17 अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। 10 संपत्तियों की रजिस्ट्री सरवटे की माँ के नाम पर मिली हैं वहीं भाई के नाम पर अलग-अलग एक फ्लैट मिला है।

 

एलआईसी और एसबीआई की खंगाली जा रही रसीदें
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की टीमों को कल छापे के दौरान एलआईसी और एसबीआई लाइफ  इंश्योरेंस व अन्य निवेश के दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। कितना पैसा इसमें लगाया गया है उसकी गणना करने के लिए इन निवेशों से संबंधित रसीदों को खंगाला जा रहा है जल्दी इसका आंकड़ा भी निकलकर सामने आ जाएगा।

 

1 लाख की 56 शराब बोतलों का दर्ज होगा अलग से मामला
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ की छापा मार कार्रवाई के दौरान आदिम जाति कल्याण विभाग के उपायुक्त जगदीश सरवटे के महंगे शराब से संबंधित शौक भी सामने आए हैं। भोपाल स्थित उनके सरकारी आवास पर जब टीम के लोगों ने छापा मारा तो वह भी आश्चर्यचकित रह गए जब एक-एक कर 56 महंगी शराब की बोतलें वहां से बरामद हुईं जिनकी कीमत 1 लाख 08 हजार 740 रुपए आकीं है। नियम के अनुसार इतनी अधिक मात्रा में शराब कोई भी व्यक्ति अपने घर पर बिना अनुमति या लाइसेंस के नहीं रख सकता है इस संबंध में भी आबकारी अधिनियम के अंतर्गत आने वाले प्रावधानों के तहत अलग से कार्यवाही की जा रही है जिसका अलग प्रकरण दर्ज होगा।

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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