
जबलपुर (जयलोक)। पनागर थाना क्षेत्र में भूरा ज्वेलर्स के संचालकों से हुई सनसनीखेज लूट को 48 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। मंगलवार रात करीब 8 बजे हुई इस वारदात के बाद पूरा दिन पुलिस आरोपियों की तलाश और जांच-पड़ताल में जुटी रही, मगर कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। कई संदिग्धों से पूछताछ भी की गई है लेकिन उनसे भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका।
पुलिस के मुताबिक कमानिया गेट स्थित भूरा ज्वेलर्स के संचालक सुनील सराफ और उनके बेटे संभव सराफ दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें रोककर मारपीट की और करीब 900 ग्राम सोना, 19 किलो 750 ग्राम चांदी तथा लगभग 17 लाख रुपए नकद से भरा बैग कुल लगभग 54 लाख की लूट के बाद आरोपी फरार हो गए। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

जिलेभर में दबिश
घटना के बाद पनागर पुलिस के साथ गोसलपुर, सिहोरा, अधारताल, माढ़ोताल, तिलवारा, बरगी, खितौला, मझगवां और मझौली थाना पुलिस को अलर्ट कर नाकाबंदी कराई गई थी। बुधवार को भी पुलिस टीमों ने संभावित रास्तों, ढाबों, बस स्टैंड और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। लेकिन न तो कोई संदिग्ध पकड़ा जा सका और न ही लूटे गए जेवर-नकदी का कोई सुराग मिला।

क्राइम ब्रांच और साइबर सेल सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर क्राइम ब्रांच को जांच में लगाया गया है। वहीं साइबर सेल द्वारा पनागर और आसपास के क्षेत्रों के मोबाइल टावरों का डेटा खंगाला जा रहा है। पुलिस ने वारदात के समय शाम 6 से रात 8 बजे के बीच सक्रिय मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन का विश्लेषण शुरू किया है, लेकिन अब तक इसमें कोई पुख्ता इनपुट नहीं मिल सका।

सीसीटीवी फुटेज की हो रही जाँच
पुलिस की टीमें घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। बदमाशों के आने-जाने के संभावित रास्तों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि कई इलाकों में कैमरे बंद या खराब पाए गए, जिससे जांच को झटका लगा है।
पुराने लूट मामलों की याद दिलाई घटना ने
इस लूटकांड के बाद एक बार फिर जिले में पिछले कई वर्षों से लंबित लूट और डकैती के मामलों पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय पुलिस गश्त कमजोर रहती है, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़े हुए हैं। क्षेत्र में सक्रिय पारधी, कंजर, डेरा वाले और बाहरी गिरोहों की भूमिका को भी पुलिस जांच के दायरे में लिया जा रहा है।
तीन टीमें कर रही जाँच
इस मामले में सीएसपी राजेश्वरी कौरव ने बताया कि लुटेरों की तलाश के लिए तीन टीमें लगी हुई हैं। हालांकि पुलिस को आरोपियों के बारे में सुराग नहीं मिला है। लेकिन टीमें आसपास के जिलों में भी पूछताछ कर रही है।
इनका कहना है
लुटेरों की तलाश के लिए तीन टीमें आसपास के जिलों में भी जाँच कर रही है। घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की भी जाँच की जा रही है।
राजेश्वरी कौरव, सीएसपी
Author: Jai Lok







