
जबलपुर (जयलोक)। शहर में 30 करोड़ से अधिक के धान घोटाला करने वाले आरोपी अब तक पुलिस गिरफ्तार से दूर हैं। धान घोटाले को एक माह का समय बीत गया है। लेकिन अब तक पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुँच पाई है। इस मामले में कलेक्टर ने जिले के 12 थानों में 74 अधिकारियों कर्मचारियों, मिलर्स सोसायटी और उपार्जन केन्द्र के कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। अब तक एक दर्जन लोगों को ही गिरफ्तार किया जा सका है।
जिसके बाद एसपी संपत उपाध्याय ने इस धान घोटोल में शामिल फरार लोगों पर दस-दस हजार रूपये का ईनाम घोषित किया है। इसके साथ ही राइस मिलर्स पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मिलर्स को ब्लैकलिस्टेड करने और उनकी सुरक्षा निधि जप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
ऐसे हुआ खुलासा
इस मामले में कलेक्टर दीपक सक्सेना के पास धान खरीदी घोटाले की शिकायत पहुँची थी। जाँच में सामने आया कि जिले के बाहर के मिलर्स यहां के दलालों को धान बेंच रहे हैं। जिसका खुलासा वाहनों के परिवहन रिकार्ड से हुआ। मिलर्स द्वारा जिन वाहनों से धान के परिवहन की बात कही गई थी असल में वे ट्रक नहीं बल्कि कार और बस निकले। जिनमें इतनी बड़ी मात्रा में धान ले जाना असंभव हैं। खुलासा होने के बाद प्याज की परतों की तरह एक-एक बातें सामने आती गईं। जिसमें मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन के प्रभारी और जिला प्रबंधक सहित 13 कर्मचारी, 17 राइस मिलर्स, 25 सोसायटी और उपार्जन केन्द्र के 44 कर्मचारियों पर आरोप लगे। इनमें से 11 सोसायटी और उपार्जन केन्द्रों के प्रबंधक कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ सहकारी समिति अधिनियम के तहत कार्रवाही के निर्देश दिए गए है।
अब तक पूरी नहीं हुई जाँच
इस संबंध में 20 मार्च को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। जिसके बाद 26 मार्च को भोपाल से खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरूण शमी ने एक सप्ताह में जाँच रिपोर्ट माँगी थी। लेकिन अब तक ना तो इसकी पूरी हुई और ना ही जाँच रिपोर्ट सौंपी गई। इस ओर किसी अधिकारी कर्मचारी ने रूचि भी नहीं दिखाई। जिसके कारण मामला ठंडा होता जा रहा था। लेकिन एसपी द्वारा फरार लोगों पर ईनाम घोषित किए जाने से एक बार फिर मामला गर्मा गया है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
विशेष टीम कर रही तलाश
एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम को लगाया गया है। जो एक माह से आरोपियों की तलाश कर रही है। आरोपियों के कॉल डिटेल, लोकेशन का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों की पतासाजी के लिए खुफिया तंत्र भी सक्रिय कर दिया है।

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Author: Jai Lok







