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30 हजार के इनामी शमीम कबाड़ी को ढूंढ नहीं पा रही पुलिस

कोर्ट ने जारी की उद्घोषणा, 29 जून तक पेश हो
जबलपुर (जयलोक)। 25 अप्रैल को जिले के खजरी खिरिया बाईपास के पास हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद शमीम के कबाड़ गोदाम में भीषण विस्फोट हुआ था। इस हादसे में दो मजदूरों के परखच्चे उड़ गए थे जिनके शरीर के केवल कुछ टुकड़े ही बरामद हो पाए थे।
इस घटना के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी, सेना की जाँच एजेंसी सहित आयुध निर्माण के अधिकारी भी जाँच करने के लिए पहुँचे थे। कबाड़ में खरीदे गए निष्क्रिय बमों से बारुद निकालकर एकत्रित करने का काम यहां किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। इसके बाद से मुख्य आरोपी शमीम कबाड़ी फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी के ऊपर 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। आरोपी घटना के बाद से ही पुलिस की पकड़ से दूर है और लगातार पुलिस को छक्का रहा है। अब न्यायालय ने भी फरार आरोपी के खिलाफ  उद्घोषणा जारी कर दी है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि 29 जून तक फरार आरोपी शमीम कबाड़ी को न्यायालय के समक्ष पेश होना होगा।
आयुध निर्माणी के बमों में हुआ था विस्फोट राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी आई थी जाँच करने
यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुआ था इसकी मुख्य वजह यह थी कि आयुध निर्माणी में निर्मित हुए बमों में भीषण विस्फोट होने से यह हादसा हुआ था। जाँच करने पहुँचे राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के लोगों के समक्ष यह तथ्य भी आया था कि यहां पर निष्क्रिय बमों को काटकर उसके अंदर से बारुद निकालकर एकत्रित की जा रही है। शमीम कबाड़ी की गतिविधियां पहले भी संदिग्ध रह चुकी हैं और पुलिस लगातार उस पर नजर बनाए रखती थी। पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से शमीम के नजदीकी संबंध होने के कारण वह पूर्व में कई बार संदिग्धों की सूची में आने के बावजूद भी बच निकलता था। इस मामले में पुलिस ने उसके कबाड़ी साथी सुल्तान और उसके लडक़े फहीम को गिरफ्तार किया गया था जिन्हें बाद में जेल भेजा गया। विस्फोट इतना भीषण था कि वहां मौजूद दो मजदूरों के शरीर के मात्र कुछ टुकड़े ही मिल पाए थे।
कई दिनों तक चला बमों का विनष्टीकरण
शमीम कबाड़ी के गोदाम में आयुध निर्माणी से अलग-अलग समय पर खरीदे गए कबाड़ में कई प्रकार के सेना के उपयोग में आने वाले बम बरामद हुए थे। इन बमों के विनष्टीकरण के लिए आयुध निर्माणी और सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में कई दिनों तक उसके गोदाम में ही गहरा गड्ढा खोदकर बम को विस्फोट कर विनष्टीकरण का कार्य किया गया था।
दूसरी फर्म के नाम सेकरता था व्यापार
जाँच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि शमीम कबाड़ी की फर्म पर कई जगह व्यापार करने में रोक लगी हुई थी। शमीम पर पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इसीलिए शमीम अपने अन्य सहयोगियों के नाम से फर्म बनाकर कबाड़ खरीदने का काम करता था। शमीम की आयुध निर्माणियों और अन्य सरकारी फैक्ट्री में अच्छी पेठ थी और अधिकारियों की साठ गांठ से वह कबाड़ खरीदने का काम करता था।
पूर्व में जारी हो चुका है गिरफ्तारी वारंट
न्यायालय ने फरार आरोपी शमीम कबड्डी के खिलाफ  उद्घोषणा जारी करने से पूर्व गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया है लेकिन आरोपी लगातार फरार है जिसके कारण गिरफ्तारी वारंट की तामील नहीं हो पाई है। पुलिस ने आरोपी को पकडऩे के लिए कई स्थानों पर दबिश दी लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आ पा रहा है।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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