
जबलपुर (जय लोक)। शहर में अवैध कॉलोनियों पर नगर निगम ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नियम कायदे दरकिनार कर बिना अनुमति के विकसित की गई 45 अवैध कॉलोनियों में जमीन की खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कालोनी सेल के माध्यम से करवाई गई जाँच के बाद सामने आए नतीजों के बाद 45 अवैध कालोनियों की खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी गई है।
जिसको लेकर जिला पंजीयक को भी कॉलोनी सेल की ओर से पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी गई है और पंजीयन रजिस्ट्री न करने हेतु सूचित किया गया है। यह शहर में अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाही है। इसके साथ ही 19 अवैध कॉलोनियों पर भी कार्रवाही की तैयारी की जा रही है इन पर एफआईआर के लिए पुलिस को पत्र लिखा गया है।

इन निर्माण कार्यों को हटाया
जिन अवैध कॉलोनियों पर यह कार्रवाही की गई है उनमें उमरिया के खसरा नम्बर 12/1, मौजा राघव के खसरा नम्बर 323, मौजा गुर्दा के खसरा नम्बर 21, मौजा रमनगरा के खसरा नम्बर 85/86, मौजा महाराजपुर के खसरा नम्बर 101, मौजा माढ़ोताल के खसरा नम्बर 112/7 की भूमि पर हुए निर्माण कार्यों को हटाया गया है।

ताकि ठगने से बच जाए लोग
आयुक्त श्री अहिरवार का मानना है कि इन अवैध कालोनियों की खरीदी बिक्री पर तत्काल रोक लग जाने से आम आदमी धोखाधड़ी का शिकार होने से बच जाएगा। अधिकांश अवैध कालोनियाँ बिना अनुमति के बनी है। जिसमें सडक़, नाली, बिजली, पानी मुख्य समस्याएं हैं। अब प्रशासन अवैध निर्माण करने वाले लोगों को नोटिस देने के साथ साथ अवैध निर्माण कार्य को हटाने की कार्रवाही करेगा। पत्र लिखकर जिला पंजीयक एवं संबंधित एसडीएम से तत्काल ऐसी कॉलोनियों में रजिस्ट्री और नामांतरण रोकने के लिए कहा गया है।

बिक्री के बाद वादों से मुकर जाता है अवैध कॉलोनाइजर
अधिकांश मामलों में देखने को मिला है कि अवैध कॉलोनी विकसित करने वाला मकानों के विक्रय के बाद अपने वादों से मुकर जाता है। इन सबके बीच जिन लोगों ने यहां मकान क्रय किया है वे अपने आप को ठगा महसूस करते हैं और कार्रवाही से बचने के लिए कार्यालयों के चक्कर काटते हैं। शहर में ऐसी दो सौ कॉलोनियाँ हैं। शहर में ऐसी डेढ़ सौ अवैध कॉलोनियाँ भी हैं जिन्हें निगम ने अधिसूचित नहीं किया है।
इन पर कार्रवाही
जिन अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाही के लिए थानों को पत्र लिखा गया है उनमें मौजा गुरैया में खसरा नम्बर 164/3 अकबर, कलाम निशांत ठाकुर, मौजा रमनगरा में खसरा नम्बर 62/1, और मौजा रमनगरा में खसरा नम्बर 6788 संजय उपाध्याय, मौजा रमनगरा में खसरा नम्बर 1937 रामकृष्ण एसोसिएट, मौजा गौरैया खसरा नम्बर 152 पारस प्रेसीडेंसी सहित कुल 19 अवैध कॉलोनियाँ इसमें शामिल हैं।
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Author: Jai Lok







