Download Our App

Home » अपराध » 50 करोड़ की डॉ. हेमलता की संपत्ति अब नगर निगम की ,भू माफिया की गड़ गईं थीं नजऱें, निगमायुक्त द्वारा निरस्त की गई लीज कल खुल जायेगा उपसंभागीय कार्यालय, एसडीएम से निगम प्रशासन ने प्राप्त की चाबियाँ, 25 हजार 47 वर्गफुट है जमीन

50 करोड़ की डॉ. हेमलता की संपत्ति अब नगर निगम की ,भू माफिया की गड़ गईं थीं नजऱें,  निगमायुक्त द्वारा निरस्त की गई लीज  कल खुल जायेगा उपसंभागीय कार्यालय, एसडीएम से निगम प्रशासन ने प्राप्त की चाबियाँ, 25 हजार 47 वर्गफुट है जमीन

जबलपुर (जयलोक)। दो लोगों की लड़ाई में हमेशा तीसरे का फायदा होता है। भूमाफियाओं की नजरों में आ चुकी राईट टाउन स्थित डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव की  भूमि से संबंधित गिफ्टडीड और दान पत्र के चर्चाओं में आने के बाद निगम स्वामित्व की इस भूमि पर अब नगर निगम ने पूर्णत: कब्जा कर लिया है। 25000 वर्ग फुट से अधिक की भूमि  का बाजार मूल्य 50 करोड़ रूपये है। अब यह सम्पत्ति वापिस नगर निगम को मिली है। इस संबंध में निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने जयलोक को बताया कि म्युनिसिपल प्लाट क्रमांक 51 की लीज निरस्त कर दी गई है। निगम ने इसे अपने कब्जे में लेकर सील की गई संंपत्ति की चाबी भी प्राप्त कर ली है।

धराशायी हुए भूमाफियाओं के मंसूबे

उन्होंने बताया कि काफी समय से इस बेशकीमती जमीन पर लीज की आड़ में प्रशासन को गुमराह करने का कूटरचित खेल चल रहा था। लीजधारी द्वारा लीज की शर्त क्रमांक 3, 5, 6, 7, 8 एवं 10 का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा था। जब यह मामला निगमायुक्त के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तथ्यों की गहन जांच के बाद लीज को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश जारी किया है। इस भूमि पर अब संभाग क्रमांक 13, स्वास्थ्य विभाग का उप-कार्यालय खोला जाएगा और इस कार्यालय के माध्यम से जनहित के कार्य किये जायेगें।

लीजधारक के द्वारा निगम स्वामित्व की जमीन को निगम से बिना अनुमति लिये गुमराह करते हुए दान एवं वसीयत कर दिया गया था, जिसकी जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से नगर निगम प्रशासन को लगी थी।

जानकारी लगने पर निगमायुक्त श्री अहिरवार के द्वारा तत्परता दिखाते हुए प्रकरण की संपदा विभाग के अधिकारियों से सूक्ष्म जॉंच करवाई गयी जिसमें पाया गया कि लीजधारी द्वारा नगर निगम के स्वामित्व की भूमि को निगम की बिना अनुमति के दान कर दिया गया एवं उक्त भूखण्ड पर बिना अनुमति व्यापारिक उपयोग किया जा रहा था। लीजधारक द्वारा वर्ष 2020-21 से लीज भू-भाड़ा भी जमा नहीं किया गया और लीज के शर्तो का उल्लंघन किया जाकर कूटरचित तरीके से प्रशासन को गुमराह करते हुए दान करने की कार्रवाई की गयी जो परीक्षण में अनुचित पाया गया, जिसके कारण लीज निरस्त कर नगर निगम जबलपुर ने भू-खण्ड को लीज डीड की कंडिका 6 के अंतर्गत भू-खंड पर पुन: प्रवेश स्थापित कर लिया है।

 

जबलपुर में बनेगा 600 बेड का केंसर का प्रदेश का सबसे बड़ा उपचार केंद्र

 

 

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » अपराध » 50 करोड़ की डॉ. हेमलता की संपत्ति अब नगर निगम की ,भू माफिया की गड़ गईं थीं नजऱें, निगमायुक्त द्वारा निरस्त की गई लीज कल खुल जायेगा उपसंभागीय कार्यालय, एसडीएम से निगम प्रशासन ने प्राप्त की चाबियाँ, 25 हजार 47 वर्गफुट है जमीन
best news portal development company in india

Top Headlines

Live Cricket