
संसद में सांसद विवेक तन्खा ने उठाया सवाल

जबलपुर (जय लोक)। राज सभा सदस्य विवेक तन्खा ने कल अपने बजट भाषण में कहा कि बजट एक साल में खर्च का लेखा-जोखा होता है। लेकिन हमें यह बार-बार बताया जा रहा है कि 2047 में भारत किस तरह का विकसित भारत होगा इसे विकसित भारत का यह बजट बताया जा रहा है। जबकि यह बजट तो एक सालाना कार्यक्रम को मानकर ही तैयार होता है।
बजट में देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों जबलपुर की नर्मदा, प्रयागराज, काशी, मथुरा-वृंदावन, हरिद्वार, कैदारनाथ, वैष्णो देवी, नासिक, उज्जैन जैसे धार्मिक शहरों में तो हर बार बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं। इन शहरों में होने वाले धार्मिक आयोजनों को लेकर वित्तीय प्रावधान किए जाने की चर्चा करते हुए श्री तन्खा ने कहा कि प्रयागराज कुंभ में हर 12 वर्ष बाद कुंभ का आयोजन होता है। इस आयोजन की तैयारी के लिए 12 वर्ष का एक लंबा समय भी मिला लेकिन इस बड़ी अवधि में किसी तरह की तैयारी वहां नहीं की गई और ना ही मूलभूत सुविधाएं वहां उपलब्ध कराई गई। जो भी तैयारियाँ की गईं वे सिर्फ दिखावटी और सजावटी ही नज़र आईं है यहाँ तक कि, विमानतल से भी आना यहाँ सुविधाजन नहीं हैं। श्री तन्खा ने कहा कि प्रयागराज कुंभ में 300 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लगी हुई है इस कतार को देखकर यह सवाल उठता है कि आखिर कुंभ के लिए किस प्रकार की तैयारी की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रयागराज के महाकुंभ में पर्यटकों के आने जाने से 2 लाख करोड़ की आमदनी होने का अनुमान लगाया गया है। लेकिन इन यात्रियों की व्यथा तो देखिए जिनके लिए प्रयागराज कुंभ में कोई प्लानिंग नहीं की गई है।

Author: Jai Lok







