भूखंडों के आवंटन के प्रकरणों में आयुक्त की जाँच से सामने आएगी हकीकत
जबलपुर (जयलोक)। नगर निगम द्वारा चंडालाभाटा में बसाए गए ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। ट्रांसपोर्ट नगर में भूखंडों के आवंटन में हुई बंदरबांट और भूखंडों की जमकर हुई लूट के मामले में अब डकैतों पर शिकंजा कसे जाने का समय नजदीक आ गया है। नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने कल अधिकारियों की एक बैठक ट्रांसपोर्ट नगर के भूखंडों की जाँच कराने के लिए विस्तार से निर्देश भी दिए हैं। यह जाँच अधिकारियों को दस दिनों में पूरी करना होगी। इस जाँच में भूखंडों के काबिज लोगों के चेहरे भी बेनकाब होंगे।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने शहर के रहवासी क्षेत्रों में संचालित ट्रांसपोर्ट कंपनियों को चंडालभाटा में बनाए गए ट्रांसपोर्ट नगर में बसाने की योजना क्रियान्वित की थी। ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोटर्स, मैकेनिक और स्पेयर पाटर्स विक्रेताओं को भूखंड आवंटित करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर में भूखंड माफिया का ऐसा बोलबाला रहा कि वहां पर बड़ी संख्या में गैर ट्रांसपोटर्स भूखंड हथियाने में कामयाब हो गए और वास्तविक ट्रांसपोटर्स आज भी भूखंड पाने के लिए तरस रहे हैं।
ट्रांसपोर्ट नगर के भूखंडों को लेकर हुई घपलेबाजी की कई वर्षों से शिकायतें और इन शिकायतों की जाँचों का सिलसिला भी चल रहा है। पूर्व में आर्थिक अपराध शाखा द्वारा भी ट्रांसपोर्ट नगर के भूखंडों में हुई धांधली की जाँच की जा चुकी है। वहीं मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर याचिकाओं में उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के बाद संभागीय आयुक्त द्वारा भी ट्रांसपोर्ट नगर के भूखंडों की जाँच की गई है। अब एक बार फिर नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने नए सिरे से ट्रांसपोर्ट नगर के भूखंडों की जाँच शुरू कराने का निर्णय लिया है।
आयुक्त ने बैठक में यह निर्देश दिए कि चंडालभाटा, ट्रांसपोर्ट नगर के जितने भी प्रकरण परीक्षण के लिए विचाराधीन है, उन सभी प्रकरणों जिसमें खाली भूखण्ड के लीज धारियों, ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों, अवैध कब्जा धारियों, एवं जिनके प्रकरण उच्च न्यायालय जबलपुर एवं न्यायालय जबलपुर संभाग जबलपुर के द्वारा दावा मान्य अथवा अमान्य किया गया है उन सभी पर नियमानुसार विधिसम्मत ही कार्यवाही की जाए। साथ ही पात्र व्यवसायियों को शीघ्र राहत प्रदान करने के संबंध में निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव के द्वारा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली गयी। समीक्षा बैठक के दौरान निगमायुक्त द्वारा अधिकारियों को स्पष्ट रूप से हिदायत दी गई कि लीज धारियों को नोटिस तामिल कराने, अवैध कब्जा धारियों का अतिक्रमण हटाने तथा न्यायालय जबलपुर संभाग जबलपुर के द्वारा दावा मान्य एवं अचल सम्पत्ति अंतरण नियम 2016 के तहत् अग्रिम कार्यवाही करने संबंधितों को आदेशित किया गया है इसका भी पालन किया जाना है।
बैठक के दौरान निगमायुक्त ने सभी प्रकरणों पर अतिशीघ्र प्रक्रिया का पालन करते हुए शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिये। निगमायुक्त ने ऐसे प्रकरण जिनमें गोदाम संचालित किया जाना पाया गया है, उनमें गैर ट्रांसपोर्ट व्यवसाय मान्य किये जाने संबंधी मार्गदर्शन न्यायालय से प्राप्त करने निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे प्रकरण जिनमें उच्च न्यायालय की डब्ल्यूपी-29845/2024 में गैर ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों एवं ट्रांसफरीज में लीज न करने का आदेश दिया गया है, उनमें ट्रांसफरीज के स्पष्टीकरण हेतु मार्गदर्शन न्यायालय से प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रकरणों में 10 दिवस के भीतर गठित दलो द्वारा स्थल परीक्षण पूर्ण कराये। समस्त प्रकरणों में स्थल परीक्षण उपरांत अग्रिम कार्यवाही अतिशीघ्र पूर्ण कराये जाने के भी निर्देश संपदा विभाग व संबंधित अधिकारियों को दिए गए। बैठक में अपर आयुक्त आर.पी. मिश्रा, सहायक आयुक्त अंकिता बर्मन, तथा परीक्षण दल के सदस्य एवं तकनीकी अधिकारी मनीष तड़से, आलोक शुक्ला, अनुपम शुक्ला एवं अभिषेक तिवारी आदि उपस्थित रहे।
इनका कहना है
उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में नगर निगम की दो टीमें ट्रांसपोर्ट नगर की जाँच के लिए बनाई गई हैं। ये दोनों टीमें ट्रांसपोर्ट नगर में मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आंकलन करेंगी। जाँच के उपरांत उच्च न्यायालय में नगर निगम द्वारा अपना उत्तर भी प्रस्तुत किया जाएगा। उच्च न्यायालय से मार्गदर्शन भी लिया जाएगा।
-प्रीति यादव, निगमायुक्त
