
पहलगाम/नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद घटना को लेकर तेजी से जांच की जा रही है. जांच के दौरान कई अहम खुलासे भी हो रहे हैं. हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी कर रही है, और उसे यह अहम सबूत हाथ लगे हैं कि आतंकवादी पहले ही बैसरन में पहुंच गए थे. इन आतंकवादियों के निशाने पर सिर्फ बैसरन ही नहीं बल्कि 3 अन्य पर्यटन स्थल भी थे. आतंकी हमले के बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में संदिग्ध लोगों को ताबड़तोड़ उठाया जा रहा है. हमले के बाद अब तक 2500 से अधिक संदिग्धों को पकड़ा गया था जिसमें 186 लोग अभी भी हिरासत में हैं और इनसे पूछताछ की जा रही है. एनआईए ने 80 ओवरग्राउंड वर्कर्स यानी ह्रत्रङ्ख को भी हिरासत में लिया है. जांच एजेंसी इन ओवरग्राउंड वर्कर्स से भी लगातार पूछताछ कर रही है।
2 दिन पहले ही बैसरन पहुँच गए थे आतंकी
सूत्रों के मुताबिक, एनआईए की जांच और ओवरग्राउंड वर्कर्स से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. हिरासत में लिए गए ओवरग्राउंड वर्कर्स से पूछताछ में यह पता चला कि पहलगाम आतंकी हमले से 2 दिन पहले आतंकवादी बैसरन घाटी में मौजूद थे. बताया जा रहा है कि ये आतंकवादी हमले से करीब एक हफ्ते पहले ही 15 अप्रैल को ही पहलगाम पहुंच गए थे. इन आतंकवादियों के निशाने पर बैसरन घाटी ही नहीं पहलगाम के 3 अन्य पर्यटन स्थल भी थे. इन लोगों की ओर से इन जगहों की रेकी की भी गयी थी. ये तीनों लोकेशन भी आतंकियों के टारगेट पर थी।

झारखंड के कोडरमा में पत्रकारों की भूमिका पर मंथन, सरकार से सहयोग का भरोसा
Author: Jai Lok







