
जबलपुर (जयलोक)। शहर के नामचीन उद्योगपति महेश केमतानी के साथ उनके संस्थान शुभ मोटर्स में काम करने वाली दो महिलाओं और एक पुरुष ने धोखाधड़ी कर 97 लाख रुपए से अधिक की हेरा फेरी की है। इस मामले में मदन महल थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। मामला हाई प्रोफाइल है क्योंकि उद्योगपति के साथ-साथ महेश केमतानी सामाजिक गतिविधियों में भी अपनी अहम भूमिका अदा करते हैं एवं एक राष्ट्रीय संगठन से भी उनका गहरा जुड़ाव है। इस पूरे प्रकरण और धोखाधड़ी की जानकारी जबलपुर से लेकर भोपाल तक पहुँची है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में भी यह मामला आ चुका है और आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित करने की बात कही जा रही है। घटना के संबंध में मदन महल थाने से प्राप्त जानकारी के अनुसार दो मई को आवेदक महेश केमतानी संचालक शुभ मोटर्स के द्वारा एक लिखित आवेदन पत्र देकर बताया कि उनकी कम्पनी में कार्यरत कर्मचारियों संदीप कुमार मिश्रा, नसीम खान उर्फ मुस्कान, नेहा विश्वकर्मा के द्वारा जो एकाउण्ट एवं पैसों के ट्रांसफर का काम देखते थे आवेदक को विश्वास में लेकर विश्वासघात करते हुये आरटीजीएस फार्म में काटछाट करके अपने परिचितो के खातों में पैसे ट्रांसफर कर लिये जाते थे एवं बाद में उन्ही परिचितों से स्वयं के खाते एवं अन्य रिश्तेदारों के खातो में ले लिये जाते थे।

पाँच साल से कर रहे थे हेराफेरी
इन आरोपियों के द्वारा दिनाँक 03.04.2021 से 13.03.2025 के बीच अलग अलग खातों में कम्पनी के पैसे ट्रांसफर कर अपने एवं परिचितों के खातों में डाले जाकर अभी तक 9787150 रुपये की षडय़ंत्र पूर्वक धोखाधड़ी की गयी है। आवेदन जाँच के आधार पर धारा 318(4), 316(5), 336(3), 338, 61 (2) बी. एन. एस. के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ कर दी गई है।
श्रीमती मुस्कान खान उर्फ नसीम बानो पति सोहिब खान, निवासी रानी दुर्गावती स्कूल के सामने वाली गली जबलपुर गढ़ा, संदीप कुमार मिश्रा पिता श्री केशव प्रसाद मिश्रा, निवास एमआईजी लाल बाग मंदिर के पास धनवंतरी नगर गढ़ा, महल के संचालक महेश चलपुर द्वारा एक लिखित शि कर राशि हडपने के संबंध पोटसज़् प्राईवेट लिमिटेड एसबीआई खाता 9408663/कंपनी 3. श्रीमती नेहा विश्वकर्मा पति अमित तालेकर पता जयभीम नगर वार्ड क्र्र. 8 आइडियल प्रगति अपार्टमेंट, ग्वारीघाट जबलपुर की तलाश में पुलिस लगी हुई है।

जिस-जिस के खाते में गई राशि उसकी भी होगी जाँच
इस हाई प्रोफाईल मामले में संदेह की सुईयां कई दिशाओं में इशारा कर रही हैं उद्योगपति होने के साथ साथ केमतानी एक हिंदूवादी राष्ट्रीय संगठन से भी जुड़े हुए हैं। उनसे जुड़े लोगों का अंदेशा है कि उनके यहाँ विगत पाँच सालों से चल रही यह पैसों की हेराफेरी और धोखाधड़ी का नेटवर्क कई संदिग्ध राष्ट्र विरोधी लोगों से भी जुड़ा हो सकता है हालांकि पुलिस आरोपियों के पकड़े जाने के बाद और सभी खातों की पूरी जाँच हो जाने के बाद ही किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने की बात कह रही है।

बचने के लिए किया फर्जी साफ्टवेयर का उपयोग
इस धोखाधडी को छिपाने के लिए टेली ऑटो वेन साफ्टवेयर एकाउंटिंग का उपयोग कर किसी अन्य कर्मचारी की आइडी बनाई गई। जिसका प्रयोग कर फर्जी लेखाकन प्रविष्टियां की जाती थीं, जबकि जिनके नाम पर एंट्री की जाती थी, उन्हें उस लेन-देन की कोई जानकारी नहीं होती थी। तीनो कर्मचारियों संदीप कुमार मिश्रा, नसीम खान उर्फ मुस्कान एवं नेहा विश्वकर्मा के द्वारा सुनियोजित एवं आपसी मिलीभगत से कंपनी के एकाऊन्ट से 97,87,150 की धोखाधड़ी की गई है।
इनका कहना है
उक्ता धोखाधड़ी के प्रकरण में आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस टीम काम कर रही है। सायबर सेल की भी मदद जाँच करने वाली टीम कर रही है आरोपियों के गिरफ्त में आ जाने के बाद यह पता चल सकेगा कि किन-किन लोगों के खाते में पैसे का लेनदेन हुआ और किसकी क्या भूमिका है।
संपत उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक
Author: Jai Lok







