
ट्रंप की दबाव की रणनीति पर फिरेगा पानी
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। इसे लेकर बाजार और दुनियाभर में बड़ी हलचल है। कई देश और आर्थिक विशेषज्ञ टैरिफ को भारत के लिए खतरा बता रहे हैं। लेकिन इसका भारत के आर्थिक विकास पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अमेरिकी कंपनी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने यह दावा किया है। कंपनी ने कहा है कि टैरिफ के बाद भी भारत की सॉवरेन रेटिंग का पूर्वानुमान पॉजिटिव रहेगा। कंपनी के दावे से साफ है कि ट्रंप की भारत पर दबाव बनाने की रणनीति पर पानी फिरने वाला है।

एशिया प्रशांत रेटिंग को लेकर हुए वेबिनार में एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग के निदेशक यीफार्न फुआ ने कहा कि भारत व्यापार आधारित अर्थव्यवस्था नहीं है। साथ ही जीडीपी के मुकाबले निर्यात में अमेरिका के प्रति भारत का जोखिम केवल दो फीसदी है। उन्होंने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स समेत अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले प्रमुख क्षेत्रों को टैरिफ से छूट मिली है। इसलिए हमें नहीं लगता कि टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ेगा। इसलिए भारत के प्रति सकारात्मक नजरिया रखा जाना चाहिए। भारत में निवेश पर पडऩे वाले प्रभाव को लेकर एसएंडपी निदेशक ने कहा कि पिछले कुछ साल से व्यवसायों के लिए चीन प्लस वन रणनीति काम कर रही है। कंपनियां घरेलू माँग को पूरा करने के लिए भारत में व्यवसाय स्थापित कर रही हैं। कई व्यवसाय वहाँ इसलिए नहीं जा रहे हैं कि वे सिर्फ अमेरिका को निर्यात करना चाहते हैं। उनमें से कई वहाँ विशाल घरेलू बाजार के कारण भी जा रहे हैं। उभरता हुआ मध्यम वर्ग बड़ा हो रहा है। इसलिए जो लोग भारत में अधिक निवेश करना चाहते हैं और निर्यात करना चाहते हैं, उनके लिए भी यह जरूरी नहीं कि अमेरिकी बाजार ही हो।

सावॅरेन रेटिंग को बढ़ा दिया था
एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने पिछले साल मजबूत आर्थिक विकास का हवाला देते हुए भारत की सॉवरेन रेटिंग बीबीबी निगेटिव को बढ़ाकर सकारात्मक कर दिया था। एसएंडपी के अनुमानों के अनुसार चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत पर स्थिर रहेगी, जो पिछले वित्त वर्ष के प्रदर्शन के बराबर है।

Author: Jai Lok







