
जबलपुर (जयलोक)
20 वर्षों की तरह इस बार भी उफनती नर्मदा नदी में तिरंगा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा 10 किलोमीटर लंबी होती है, इसमें शामिल होने वाले सभी कुशल तैराक होते हैं। एक हाथ में झंडा लेकर दूसरे हाथ की मदद से तैरते हुए यात्रा पूरी करते हैं, प्रशासन की तरफ से सुरक्षा का पूरा इंतजाम रहता है। जिसका नजारा आज सुबह जिलहरी घाट से तिलवारा घाट में देखने को मिला।
स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले आज अनोखी तिरंगा यात्रा निकाली गई, इस तिरंगा यात्रा में 350 से ज्यादा तैराकों ने हिस्सा लिया। सभी लोगों ने नर्मदा नदी में जिलहरी घाट से हाथ में तिरंगा थाम कर तिलवारा घाट तक तैर कर यात्रा पूरी की। यह तिरंगा यात्रा हर साल 14 अगस्त को निकाली जाती है। इसकी कुल दूरी 10 किलोमीटर होती है, प्रशासन ने तैराकों की सुरक्षा का पूरा इंतजाम किया था।

10 किमी की होती है यात्रा

देश भर में जगह-जगह तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है, लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर की तिरंगा यात्रा सबसे अलग है। यहां नर्मदा नदी में पिछले 20 साल से कुशल तैराक एक हाथ में तिरंगा झंडा लेकर उफनती नर्मदा नदी में तैरते हुए जाते हैं। यात्रा की लंबाई 10 किलोमीटर होती है।
इसमें 70 साल के बुजुर्ग से लेकर कई बच्चे भी शामिल होते हंै। सभी तैरने में माहिर होते हैं जिससे वो लबालब भरी नदी में इतनी लंबी दूरी आसानी से तय कर लेते हैं।

यात्रा निकालने वाले तैराकों का ‘नित्य तैराक मंडल’ नाम से एक गु्रप है यह यात्रा जबलपुर के जिलहरी घाट से शुरू होकर तिलवारा घाट तक जाती है। इसमें शामिल ज्यादातर लोग एक हाथ में तिरंगा लेकर तैरते हुए आगे बढ़ते हैं, हालांकि यह यात्रा बेहद खतरनाक है। क्योंकि इन दिनों नर्मदा में जल स्तर बढ़ा हुआ होता है। लेकिन इसके बावजूद यह सभी कुशल तैराक इस यात्रा में हिस्सा लेते हैं। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के इंतजाम भी किए जाते हैं, इनके साथ में कई नाव भी चलती हैं।
6 साल की बच्ची हुई शामिल
सबसे खास बात यह रही कि 6 साल की प्रज्ञा भदौरिया भी इस यात्रा में शामिल हुईं। प्रज्ञा ने न सिर्फ तैरकर यह यात्रा पूरी की, बल्कि इतनी कम उम्र में ऐसा साहस दिखाकर सबको हैरान कर दिया। प्रज्ञा को लंबे समय से नर्मदा नदी में तैरने का अभ्यास कराया जा रहा था।
Author: Jai Lok







