
जबलपुर (जयलोक)। भोपाल के विधायक आरिफ मसूद का इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज अपनी मान्यता पहले ही खो चुका था। उच्च शिक्षा विभाग ने मान्यता का आदेश वापस ले लिया था। कॉलेज को पहले अंतरिम मान्यता मिली थी, पर दस्तावेज पूरे नहीं थे। जाँच में कुछ कमियां भी पाई गईं। इस मामले में आज हाई कोर्ट की डबल बैंच ने सुनवाई करते हुए तल्ख़ टिप्पणी की और राज्य सरकार को भी फटकार लगाई है।

रिट पिटीशन क्रमांक 21879/2025 पर सुनवाई करते हुए आज हाई कोर्ट की डबल बैंच ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। इंदिरा प्रदर्शिनी कॉलेज, भोपाल के मामले में हाईकोर्ट की डबल बैंच ने आज सुनवाई की। कॉलेज के सचिव विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ़ फज़ऱ्ी एवं कूट रचित दस्तावेजों द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेज पर कार्यवाही करते हुए न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन एवं न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की डिवीजनल बैंच द्वारा एफ आई आर के आदेश दिए गये।

बेंच ने सरकार पर भी सवाल खड़ा किया कि 20 साल से आज तक क्यों कोई कार्यवाही नहीं हुई ? कॉलेज की तरफ़ से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा एवं सत्यम अग्रवाल द्वारा पैरवी की गई। सरकार की तरफ़ से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह एवं पैनल लायर आकाश मालपाणी द्वारा पैरवी की गई।

बता दें कि, इस कॉलेज को मई में सत्र 2025-26 के लिए अंतरिम मान्यता दी गई थी, लेकिन जरूरी दस्तावेज और शर्तें पूरी न करने पर ये फैसला लिया गया। साथ ही, निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं भी पाई गईं। इन्हीं आधारों पर विभाग ने मान्यता निरस्त करने का आदेश जारी किया है।
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Author: Jai Lok







