
तालाबों के सीमांकन करें और मुनारा लगाएं – कलेक्टर दीपक सक्सेना
राजस्व अधिकारियों की बैठक में कलेक्टर ने दिए आवश्यक निर्देश
जबलपुर (जयलोक)। जबलपुर शहर 52 ताल तलैयों वाला एक बड़ा शहर रहा है। लेकिन इन तालाबों में से आधे से भी कम तालाब बचे हुए हैं। अधिकांश तालाब जो बचे हैं वे भी अतिक्रमण की चपेट में आ चुके हैं और ये अतिक्रमण लगातार बढ़ भी रहे हैं। लेकिन जो तालाब बच गए हैं उनके जीवित रहने की उम्मीद भी कलेक्टर दीपक सक्सेना ने जगा दी है। कलेक्टर ने तालाबों के सीमांकन और उन पर मुनारा लगाने आदि के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए हैं।

कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में कलेक्टर सभागार में राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान अपर कलेक्टर सुश्री मिशा सिंह, सीईओ जिला पंचायत अभिषेक गहलोत, एडीएम नाथूराम गोड सहित सभी राजस्व अधिकारी मौजूद थे। बैठक में उन्होंने राजस्व संबंधी विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व रिकॉर्डों की स्कैनिंग शुरू हो जाए। फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा पर उन्होंने इस दिशा में कम प्रगति लाने वाले 6 पटवारियों के वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश भी दिए। बैठक में विशेष रूप से तहसील वार नामांतरण, बटवारा, सीमांकन एवं वसूली की स्थिति समीक्षा की गई।

सीमांकन की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि जिले में जितने भी तालाब हैं, उनके सीमांकन के लिए दल बनाएं और सीमांकन कर मुनारा या स्थाई चिन्ह बनाएं। यदि कोई मुनारा को हटाए तो उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। कलेक्टर श्री सक्सेना ने सभी राजस्व अधिकारियों से कहा कि वे राजस्व न्यायालय परिसर का सतत निरीक्षण करें, एजेंटों और दलालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। बैठक में इसके अलावा धारणाधिकार, प्रधानमंत्री मंत्री किसान सम्मान निधि, अवैध कालोनियों के रिपोर्ट, सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के निराकरण आदि पर विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।

Author: Jai Lok







