
कलेक्टर कराते हैं खाद की उपलब्धता की सार्वजनिक जानकारी
जबलपुर (जयलोक)। पूरे प्रदेश में इन दिनों किसान खाद को लेकर बेहद परेशान हो रहे हैं। किसानों को आसानी से खाद नहीं मिल पा रही है। खाद की किल्लत का फायदा उठाकर खाद विके्रता काला बाजारी भी कर रहे हैं। खाद की किल्लत का मामला इतना गंभीर हो गया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कल प्रदेश भर के कलेक्टरों से सीधे बात की और उन्हें जमकर फटकार भी लगाई है। वहीं मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को जबलपुर के कलेक्टर दीपक सक्सेना के मॉडल को अपनाने के लिए भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री का यह भी कहना है कि जब पिछले वर्ष से अधिक खाद प्रदेश में उपलब्ध है तो फिर खाद वितरण की समस्या क्यों खड़ी हो रही है। मुख्यमंद्धी ने साफ तौर पर कहा है कि खाद् वितरण व्यवस्था का प्रबंधन करने का जिम्मा सीधे कलेक्टरों का है। नाराज होते हुए मुख्यमंत्री यहां तक कहा कि खाद वितरण में कलेक्टर यदि अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं तो इसका मतलब यह माना जाएगा कि उन्हें जिला चलाना नहीं आता है। ऐसे में कलेक्टर बता दें तो मुख्यमंत्री दूसरी व्यवस्था करेंगे। खाद वितरण को लेकर प्रदेश के कई जिलों में किसान बेहद पेरशान हो रहे हैं। किसान खाद की माँग को लेकर सडक़ों पर उतर रहे हैं और विरोध भी कर रहे हैं। कई जिलों में किसानों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग भी किया गया है।

खाद को लेकर मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कलेक्टर खाद की उपलब्धता की समीक्षा करें और इसकी जानकारी जनप्रतिनिधियों से भी सांझा करें ताकि किसानों को वास्तविक स्थिति का पता रहे। कलेक्टर खाद वितरण केन्द्रों को आकस्मिक सत्यापन और निगरानी करें। अतिरिक्त विक्रय केन्द्र की आवश्यकता है तो तत्काल आरंभ करें।

लायसेंस निरस्तीकरण और एफआईआर भी हो रही दर्ज
खाद की कालाबाजारी को लेकर और अवैध भंडारण, अवैध परिवहन और नकली खाद आदि से संबंधित 53 एफआईआर दर्ज की गई है। 88 लायसेंस लायसेंस निरस्त और 102 निलंबित किए गए हैं। 406 विक्रय प्रतिबंधित भी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा जबलपुर जैसा नवाचार करें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जब खाद वितरण को लेकर जिलेवार समीक्षा के दौरान जबलपुर के कलेक्टर दीपक सक्सेना से भी जानकारी माँगी। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने मुख्यमंत्री को बताया कि जबलपुर में किसानों के लिए टोकन वितरण की व्यवस्था फोन कॉल से तय की जा रही है। वितरण केन्द्रों पर डिस्पले बोर्ड लगाए गए हैं बोर्ड पर टोकन नम्बर डिस्पले कर खाद का वितरण किया जा रहा है। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि जिले में उपलब्ध उवर्रकों की मात्रा भी डिस्पले की जा रही है। कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा दी गई जानकारी को सुनने के बाद मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों से कहा कि वे जबलपुर मॉडल को अपनाकर नवाचार करें।
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Author: Jai Lok







