
जबलपुर जय लोक। अपने से बड़े अधिकारी के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंस मीटिंग के दौरान लूंगी दुनिया में शामिल होना नगर पालिका के सी एम ओ को भारी पड़ गया। अधिकारी की शिकायत होने के बाद उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। प्रदेश के सागर जिले में नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) कलेक्टर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में लूंगी और बनियान पहनकर शामिल हो गए । मामला तेजी से सुर्खियों में आया और सीएमओ से जवाब तलब किया गया। कलेक्टर ने कमिश्नर को इसकी रिपोर्ट भेजी और कमिश्नर ने चंद घंटे बाद ही अधिकारी को सस्पेंड कर दिया। यह वाक्य 12 फरवरी का बताया जा रहा है सागर जिले के कलेक्टर ने जन्म मृत्यु पंजीयन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित के लिए वी सी बुलाई थी । इस दौरान मुख्य नगरपालिका अधिकारी बिलहरा राजेश खटीक अपने कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए और अपने निवास से ही वीसी में भाग लेने के लिए शामिल हुए। इस दौरान उनकी वेशभूषा एक शासकीय सेवक के लिए अपेक्षित वेशभूषा के विपरीत पाई गई और उनका यह आमर्यादित आचरण जिला कलेक्टर को पसंद नहीं आया इसके बाद कलेक्टर ने सिविल सेवा आचरण अधिनियम के तहत सीएमओ पर कार्रवाई करने के लिए फाइल कमिश्नर कार्यालय को प्रेषित कर दी। जिसके तत्काल बाद अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया।

सीएमओ नगर पंचायत के सुप्रीम अधिकारी होते हैं और उनका इस तरह से संभाग स्तर के सबसे बड़े अधिकारी की बैठक में शामिल होना न सिर्फ ड्रेस कोड के खिलाफ है बल्कि यह आचरण कार्यालयीन व्यवस्था में भी उचित नहीं माना जा सकता है। इस संबंध मिली जानकारी के अनुसार कहा जाता है कि सागर जिले के एक नगर पंचायत अधिकारी को लुंगी-बनियान में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल होना महंगा पड़ गया। उनकी इस हरकत के चंद घंटे बाद ही कलेक्टर दीपक आर्य की अनुशंसा पर संभागीय कमिश्नर डॉ. वीरेंद्र सिंह रावत ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। कलेक्टोरेट में नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद में चल रहे जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन के संबंध में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था।कलेक्टर आर्य की अध्यक्षता में इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में नगर निगम आयुक्त समेत जिले के सभी सीएमओ शामिल हुए थे। बिलहरा नगर परिषद के प्रभारी मुख्य अधिकारी राजेश खटीक कार्यालय के बजाए अपने. निवास से इस वीसी में शामिल हो गए। मीटिंग के दौरान कलेक्टर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान गया कि सीएमओ खटीक की वेशभूषा शासकीय मीटिंग के लिहाज से अपेक्षित नहीं थी। जब इसकी चर्चा शुरू हो गई तो कलेक्टर आर्य ने अधिकारी खटीक को उनके ड्रेस-अप के लिए मौके पर ही टोक दिया। इसके बाद उन्होंने इस अप्रत्याशित स्थिति के लिए नगर परिषद अधिकारी को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए कमिश्नर डॉ. रावत को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था।

Author: Jai Lok







