
जबलपुर (जयलोक)। रानी अवंती बाई सागर परियोजना के अंतर्गत नर्मदा नदी के जबलपुर और मंडला के बीच बनाए गए बरगी बाँध का निर्माण 1975 में प्रारंभ हुआ था। 1988 में नर्मदा घाटी विकास विभाग के द्वारा इसे प्रारंभ किया गया। वैसे तो इसकी टनल में सामान्य रूप से पानी का रिसाव होता रहा है और यह चिंता की बात नहीं रहती है यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन अभी वर्तमान में एकाएक पानी के इस रिसाव की मात्रा बढ़ जाने से यह पूरा मामला चर्चा में आ गया है।

बरगी बांध प्रबंधन की ओर से नर्मदा विकास प्राधिकरण एवं भोपाल में 2021 में निर्मित हुई डैम सेफ्टी कमेटी को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद दोनों ही संस्थाओं की ओर से आई जाँच टीमों ने यहां का निरीक्षण किया है।

जाँच टीमों ने भी यह पाया है कि लीकेज की मात्रा अधिक जरूर है लेकिन किसी भी प्रकार के तनाव या चिंताजनक हालात पैदा करने वाली स्थिति नहीं है। अब यह जाँच का विषय है कि रिसाव में पानी की मात्रा अधिक क्यों हुई है। अधिक बारिश के कारण यह हुआ है या फिर इसका कुछ और कारण है। इन सब बातों की तकनीकी रूप से जाँच पड़ताल प्रारंभ हो गई है। जल्द ही केंद्रीय जल परियोजना दिल्ली से भी जांच दल यहां आकर पूरी स्थिति का आंकलन कर निरीक्षण करेगा। फिलहाल टनल के अंदर का एक वीडियो जिसमें पानी का रिसाव अधिक मात्रा में नजर आ रहा है सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।

अपील – बांध प्रबंधन और जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन की ओर से यह अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अफवाह और भ्रामक जानकारी के प्रभाव में ना आएं। स्थिति की जाँच पड़ताल की जा रही है ना ही किसी प्रकार का खतरा है ना किसी प्रकार की दरार है। टनल में पानी का रिसाव सामान्य रूप से होता है बस उसकी मात्रा के निर्धारण के संबंध में संबंधित जाँच समितियां अपना निर्णय लेंगी।
Author: Jai Lok







