
जबलपुर (जयलोक)।मध्य प्रदेश के अमीर चर्चित विधायकों में शुमार विधायक संजय पाठक की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। खनन के बड़े कारोबारी संजय पाठक और उनके परिवार के सदस्यों के नाम से संचालित कंपनियों पर 443 करोड़ रुपए का जुर्माना सरकार द्वारा लगाया गया है। विभिन्न राष्ट्रीय जांच एजेंसी के समक्ष भी उनके खिलाफ अनियमित्ताओं से संबंधित शिकायतें की गई है। इसके साथ ही वर्तमान में उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश के द्वारा ईओडब्लू के प्रकरण में दायर याचिका में सीधे संपर्क करने के आरोप भी विधायक संजय पाठक पर लगाकर न्यायाधीश ने खुद को उक्त केस की सुनवाई से पृथक कर लिया और पूरे मामले को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। मामला पूरे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित हुआ है।
अब एक और माँग विधायक संजय पाठक की समस्या बढऩे का काम कर रही है। उनकी ही विधानसभा क्षेत्र विजयराघवगढ़ से उनकी विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने की माँग उठी है।
विगत दिवस विजयराघवगढ़ के ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने इन सभी मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस सचिव नीरज सिंह बघेल, ब्लॉक अध्यक्ष रविंद्र सिंह बघेल के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में विधानसभा अध्यक्ष से विधायक संजय पाठक की सदस्यता समाप्त करने की माँग की गई है।
लगातार गंभीर आरोपों के बीच इस प्रकार की माँग उठने से विधायक संजय पाठक के व्यापारिक प्रतिद्वंदियों और भाजपा में ही मौजूद उनके विरोधी इस मामले को पूरी तरीके से भुनाने में जोरशोर से कोशिश करने में लग गए है।

संजय पाठक के पारिवारिक लोगों के नाम से जो कंपनियां खनन के कार्य संचालित कर रही हंै उन पर जुर्माने की कार्यवाही के संबंध में उठाए गए प्रश्न में विधानसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने लिखित जवाब प्रस्तुत किया था जिसमें बताया गया था कि इन कंपनियों में दी गई अनुमति से अधिक खुदाई की गई है जिसके कारण 443 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

संजय पाठक ने इसके बाद मीडिया से कहा था कि जुर्माना लगाने के संबंध में जो कार्यवाही निष्पादित की गई है वह सही तरीके से नहीं की गई। खनिय विभाग के अधिकारियों और अन्य जाँच दलों ने बिना मौके पर जाए और वस्तु स्थिति को देख ही चीजों का आकलन किया है जो गलत है। इस पूरे मामले की बारीकी से जाँच होगी तो सच सामने आ जाएगा। संजय पाठक ने यह भी कहा था कि उनका परिवार 70 सालों से खनन के व्यापार से जुड़ा हुआ है और आज तक कभी भी उनके खिलाफ किसी प्रकार के आरोप नहीं लगे हैं।

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Author: Jai Lok







