
अमरकंटक
मां नर्मदा का प्रकटोत्सव आज मनाया जा रहा है। अमरकंटक से लेकर गुजरात तक हर एक घाट पर नर्मदा जयंती के कार्यक्रम हो रहे हैं। नर्मदापुरम में नर्मदा जयंती और शहर का गौरव दिवस दोनों एक साथ मनाए जा रहे हैं। जबलपुर, खरगोन, खंडवा और बड़वानी में भी धार्मिक कार्यक्रम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री दोपहर में अमरकंटक पहुंचे। यहां उन्होंने मां नर्मदा की पूजा की। वे नर्मदापुरम भी जाएंगे। यहां शाम को जलमंच से मां नर्मदा का पूजन, अभिषेक और आरती करेंगे। बतौर ष्टरू यह उनका पहला नर्मदापुरम दौरा है। नर्मदापुरम में 15 फरवरी से दो दिवसीय गौरव दिवस महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। आज शुक्रवार को मुख्य कार्यक्रम हैं। गौरव पर्व और नर्मदा जयंती महोत्सव के लिए पूरा नर्मदापुरम शहर सजा है। नर्मदा के सेठानी घाट समेत सभी तटों पर स्नान – पूजन का सिलसिला शुक्रवार सुबह से जारी है। उम्मीद है कि शहर के सभी घाटों पर आज 80 हजार श्रद्धालु नर्मदा पूजन करेंगे। शहर के अलावा बैतूल, भोपाल और दूसरे जिलों से भी लोग घाटों पर आ रहे हैं।
शाम में दीपदान भी, नहीं होगी आतिशबाजी- नर्मदापुरम में नर्मदा के सभी घाटों पर शाम को दीपदान किए जाएंगे। श्रद्धालु हजारों दीप जलाकर मां नर्मदा में प्रवाहित करेंगे। इस बार जयंती पर आतिशबाजी नहीं होगी। हरदा में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के कारण आतिशबाजी नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
सीएम 191 करोड़ के विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण और भूमिपूजन- सीएम डॉ. यादव नर्मदापुरम में मुख्य समारोह में शामिल होकर मां नर्मदा की पूजा के बाद 191.34 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इसमें नगर पालिका, जनजातीय कार्य विभाग के हॉस्टल, ओवरब्रिज, सडक़ और दूसरे विकास कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री अमरकंटक, जबलपुर से होते हुए शाम 4 बजे नर्मदापुरम पहुंचेंगे। शाम 4.15 से 5 बजे तक कलेक्ट्रेट कार्यालय नर्मदापुरम में कानून व्यवस्था के संबंध में बैठक करेंगे। शाम 5 बजे से 6 बजे तक विकास कार्यों के संबंध में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संभागीय समीक्षा करेंगे।
बड़वानी में चुनरी यात्रा, शाम को महाआरती- बड़वानी में राजघाट रोड स्थित नर्मदा तट किनारे नर्मदा जयंती मनाई जा रही है। आयोजन समिति के सदस्य सचिन शुक्ला ने बताया कि सुबह 9 बजे से कथा की शुरुआत हुई। कथास्थल से 251 फीट की चुनरी यात्रा निकाली गई। 108 राम बाबा के सान्निध्य में मां नर्मदा को 1100 मीटर चुनरी अर्पण की गई। दूध से माता का अभिषेक और पूजन किया। इसके बाद कन्या भोजन और विशाल प्रसादी भंडारे की शुरुआत हुई। शाम को माता की पालकी यात्रा निकाली जाएगी। यह नर्मदा तट तक पहुंचेगी। शाम में माता की महाआरती कर दीपदान किया जाएगा।


Author: Jai Lok







