
जबलपुर (जय लोक)। इंदौर में दो दिनों पूर्व एक ट्रक ने दिल दहलाने वाले हादसे से पूरे प्रदेश में दहशत पैदा कर दी है। इंदौर के नो एंट्री जोन में ट्रक ने जाकर ऐसी तबाही मचाई कि उसने दो लोगों की जान ले ली और 30 से अधिक लोगों को घायल कर दिया। इस हादसे से शहर में भी दहशत का माहौल है। शहर के रहवासी क्षेत्र बल्देवबाग में अघोषित रूप से ट्रांसपोर्ट नगर संचालित हो रहा है।

यहां करीब एक सैंकड़ा ट्रांसपोर्टर अपना कारोबार बैखोफ होकर चला रहे हैं। इन ट्रासंपोटर्स के ट्रक चाहे जब नो एंट्री जोन में घुस जाते हैं। जिससे कभी भी इंदौर जैसा बड़ा हादसा ट्रकों की वजह से हो सकता है।
बल्देवबाग क्षेत्र में स्मॉल वंडर स्कूल, डिसल्वा स्कूल तथा चेरीताल स्कूल संचालित हैं। जिस समय इन स्कूलों की छुट्टी होती है उस समय बल्देवबाग क्षेत्र का यातायात अराजक और खतरनाक हो जाता है। तभी बड़े वाहनों की आवाजाही और स्कूल बसों की आवाजाही से यहां पर लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है।

बल्देवबाग चौक से फुहारा जाने वाले मार्ग पर शाम 6 बजे के बाद ट्रांसपोर्टरों की धमाचौकड़ी शुरू हो जाती है। ट्रांसपोर्टरों के यहां आने वाले मालवाहक वाहनों की ऐसी रेलमपेल मचती है कि पूरा मार्ग ही बंद हो जाता है और घंटों ट्रेफिक जाम रहता है। बल्देवबाग के अघोषित ट्रांसपोर्ट नगर के हालातों से शहर की यातायात पुलिस वाकिफ है लेकिन यातायात पुलिस की ओर से किसी तरह की रोकटोक नहीं की जाती है।

इतना ही नहीं यातायात पुलिस की ऐसी लापरवाही नजर आती है कि नो एंट्री जोन में भी ट्रक धड़ल्ले से आते जाते रहते हैं लेकिन उन पर कोई कार्रवाही करने की जरूरत यातायात पुलिस नहीं समझती है। बल्देवबाग क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब यहां कोई बड़ा हादसा होगा तभी बल्देवबाग के अघोषित ट्रांसपोर्ट नगर को हटाने और यातायात को सुधारने के प्रयास होंगे। अभी तो खौफनाक हालात बने हुए हैं।
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Author: Jai Lok







