
जबलपुर (जयलोक)। ईपीएफओ कार्यालय जबलपुर सहित देश के 200 केंद्रों पर इपीएफ-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले व्यापक धरना-प्रदर्शन आयोजित कर आयुक्त, कर्मचारी भविष्य निधि को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें निगम मंडल, प्राइवेट स्कूलों एवं विभिन्न निजी कंपनियों से जुड़े सैकड़ों पेंशनर्स और सदस्य शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 35 से 40 वर्षों तक सेवा देने के बाद भी पेंशनभोगियों को मात्र 1000 से 1500 प्रतिमाह पेशन मिल रही है, जबकि केवल 5 वर्ष तक विधायक या सांसद बने व्यक्तियों को जीवनभर लाखों रुपये प्रतिमाह पेंशन का प्रावधान है। यह स्थिति अत्यंत अन्यायपूर्ण और असंतुलित है। विगत 4 और 5 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मतर पर आयोजित विशाल धरना-प्रदर्शन में 26 सासदों ने मंच पर आकर समर्थन जताया और लोकसभा गेट पर भी हमारी मांगों को उठाया, इसके बावजूद केंद्र सरकार ने पेंशन वृद्धि पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। पेंशनरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि हमारी मांगों को तत्काल नहीं माना गया तो ‘करो या मरो’ आंदोलन छेड़ा जाएगा।
धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व मध्य भारत समन्वयक बलवंत सिंह गुर्जर, प्रदेश उपाध्यक्ष जी.पी. अवस्थी, संभागीय अध्यक्ष देवनारायण तिवारी, शाखा अध्यक्ष धनराज सोनकर, ईश्वर दास सेन, अशोक पांडे, देवदत्त निल्लोर सहित सैकडों पेंशनरों ने किया।

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Author: Jai Lok







