
जबलपुर (जय लोक)। शहर का केंट विधानसभा क्षेत्र अब भारतीय जनता पार्टी का एक मजबूत गढ़ बन चुका है। विधानसभा अध्यक्ष रह चुके ईश्वरदास रोहाणी ने केंट विधानसभा क्षेत्र के विकास की एक मजबूत आधारशिला रखी थी। अब उनके पुत्र विधायक अशोक ईश्वरदास रोहाणी केंट विधानसभा के चहुंमुखी विकास के लिए निरंतर तत्पर हैं। केंट विधानसभा के विकास को लेकर जय लोक द्वारा लिए गए साक्षात्कार में श्री अशोक रोहाणी ने महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी।
प्रश्न-केंट विधानसभा क्षेत्र को आप किस रूप में देखते हैं?

हमारे पिता दादा ईश्वरदास जी रोहाणी के समय से कैंट को कभी हमने एक क्षेत्र मात्र के रूप में नहीं लिया। पिछले 35 सालों से कैंट विधानसभा को अपना परिवार मानकर और प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार के सदस्य के रूप में मान कर कार्य किया है और इस तरह जनता ने भी मुझसे अपने घर के बड़े बेटे की भांति ही प्रेम दिया और अपेक्षाएं रखीं। इस संबंध को निभाते हुए हमने कई नई प्रथाओं की शुरुआत की जैसे रक्षाबंधन में बहनों से राखी बंधवाना और उन्हें तोहफे के रूप में कुछ न कुछ देना। बड़े बुजुर्गों का सम्मान और भोज का आयोजन करना, प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित कर उनके लिए निशुल्क क्लासेज का आयोजन करना भी हमारे सेवा के कार्य हैं।

प्रश्न – धार्मिक आयोजनों में रूचि कैसे बढ़ी ?
माताओं बहनों की बड़ी इच्छा रहती थी कि हम शिव जी की आराधना करना चाहते है और सबसे महत्वपूर्ण बात उनके मन में भाव रहता था कि बदलते माहौल को देख कर कहीं बच्चे धर्म के मार्ग से न भटके, तो इसको ध्यान में रखते हुए हमने प्रति वर्ष शिव महापुराण कथा, शिवलिंग निर्माण एवं पंचकुंडीय हवन का आयोजन शुरू किया। ये भोले बाबा की कृपा है कि सभी आयु वर्गों के श्रद्धालु इस आयोजन में भाग लेते हैं और जिस दिन कलश यात्रा रहती है उस दिन बहनों की आस्था इस कार्य की सार्थकता को झलकाती है कि किस प्रकार बहनें बिना चप्पल के कड़ी धूप में इस यात्रा में हजारों की संख्या में भाग लेती हैं।

प्रश्न – स्वास्थ्य सेवाओं के लिये आपके क्या प्रयास हैं?
जब हम किसी को परिवार का सदस्य कहते हंै तो उसके स्वस्थ रहने की कामना और प्रयास भी करते हैं। दादा का यही भाव था कि लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलें।
इसको देखते हुए दादा ने हर वर्ष स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से हेल्थ चेकअप की शुरुआत की और उससे गंभीर बीमारियों के मरीजों का चयन हो जाता था और फिर जन भागीदारी और स्वयं के खर्च से उनका निशुल्क इलाज करवाते थे।
इस दिशा में काम करते हुए दादा ने देखा कि सबसे अधिक लोग खून के लिए भटकते थे तो बड़े स्तर पर ब्लड डोनेशन कैंप शुरू हुए और फिर उससे साल भर मरीजों को नि:शुल्क ब्लड दिया जाता है। हमने भी इसको जारी रखा और उसका स्वरूप बढ़ाते चले गए।
फिर आयुष्मान भारत योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा जब शुरू की गई और साथ में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी ने संजीवनी क्लिनिक्स पर विशेष फोकस किया तो अब जनता के पास एक माध्यम है तुरंत राहत पाने का। अब हमारा टारगेट रहता है अधिक से अधिक लोगों को उससे जोड़े और ऐसी बीमारियाँ जो उसमें कवर नहीं है उनको चिन्हित करके इलाज करवाएं।
प्रश्न- शिक्षा के क्षेत्र में आप क्या काम कर रहे हैं?
मैं शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण मानता हूँ क्योंकि उससेे ही वर्तमान के साथ-साथ भविष्य भी निर्भर करता है। आज कैंट विधानसभा बच्चियों की शिक्षा के मामले में पूरे प्रदेश में अव्वल है और इसका कारण है दादा का विजन जिसमें उन्होंने संकल्प लिया था कि पैसे के अभाव में कोई अशिक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। हम इस 20 साल से चले आ रहे प्रकल्प को और नेक्स्ट लेवल पर ले गए जहां आज बच्चों को प्रति वर्ष कॉपी किताब बस्ता नि:शुल्क दिया जाता है और साथ ही अब हम हाइयर और कॉम्पटेटिव एग्जाम्स के लिए दादा के नाम से पाठशाला शुरू करने जा रहे हैं।
ताकि यही बच्चे आगे जाके ढ्ढढ्ढञ्ज ्रढ्ढरूह्य ढ्ढढ्ढरू में शिक्षा प्राप्त कर शहर और परिवार का नाम रोशन करें। इसी तरह खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने के लिए सर्व सुविधा युक्त स्टेडियम रांझी में, बिलहरी में, सिविल लाइंस में, उसके अलावा प्रतिभावान खिलाडिय़ों को समय समय पर किट्स देना और ऐसे टूर्नामेंट करवाना जिससे उनकी प्रतिभा को एक मंच मिल सके ये कार्य किये जाते हैं।
प्रश्न – आवास की समस्यायें भी हैं?
अभी मैने ठाना है कि जिन परिवारों का आवास का काम भूमि के मद परिवर्तन के कारण रुका है उस काम को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री जी से जल्द करवाना है।
हमने प्रधानमंत्री आवास के रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन और आवंटन करवाए हैं, एक पूरी टीम इस काम में लगी थी जो आसन दस्तावेजीकरण और प्रत्येक लाभार्थी की प्रक्रिया को सुगम बनाने का काम करती थी। पट्टों के के काम के लिए भी बहुत जल्द नोटीफिकेशन जारी हो जाएगा।
प्रश्न – औद्योगिक विकास के लिये क्या प्रयास हैं?
अभी रोजगार की दृष्टि से देखा जाए तो एक बड़ा अचीवमेंट होगा हमारा मोहनिया वाला औद्योगिक क्षेत्र जो कि जबलपुर को बहुत लंबे समय के बाद नवीन क्षेत्र के रूप में मिलेगा इसको हम आगे ले जाते हुए नए उद्यमियों को न केवल जमीन बल्कि बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रेनिंग, रॉ मटेरियल और मशीनरी अलॉटमेंट भी करवा के प्रोत्साहित करेंगे इसके लिए भी बहुत तेजी से कार्य जारी हैं और जल्द योजना बनके तैयार हो जाएगी।
प्रश्न-क्या कैंट क्षेत्र में फ्लाईओवर भी बनेंगे ?
फ्लाईओवर की जहां सबसे अधिक माँग है अभी उसमें से एक स्वीकृत हो के टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। भारत माता चौक सदर के ऊपर से सेंट जोसफ स्कूल होते हुए आगे वायएमसीए पर उतरेगा। दूसरा इसी मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए कनेक्टिंग फ्लाईओवर बनाने की प्लानिंग भी है। फिर एक अति आवश्यक फ्लाईओवर अधारताल तिराहे पर इंडस्ट्रियल एरिया को जोड़ते हुए जहां बाजार लगने के कारण आवागमन प्रभावित होता है।
प्रश्न- क्या पर्यटन के लिये भी प्रयास होंगें?
तालाबों के सौंदर्यीकरण का भी हमारा विजन है जिसमें सबसे पहले गोकलपुर तालाब को टूरिस्ट स्पॉट बनाकर वाटर स्पोर्ट्स शुरू करवाना है।
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Author: Jai Lok







