
जबलपुर (जयलोक)
खितौला में हुई बैंक डकैती के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। इस बैंक डकैती में शामिल चार डकैतों को बिहार और झारखंड से गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके साथ ही आरोपियों के पास से 50 लाख का सोना भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों से बैंक डकैती के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि इस डकैती में शामिल बाकी डकैतों और लूटा गया सोना भी बरामद कर लिया जाएगा। लगभग 12 करोड़ रुपए का सोना बाकी बचे लुटेरों के पास है, जिन्हें पकड़ा भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।
11 अगस्त को खितौला थाना क्षेत्र के स्माल फायनेंस कंपनी में डकैतों ने करीब 15 किलो सोना और 5 लाख नगद रूपये की लूट की थी। जिसमें पुलिस डकैतों की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को पूर्व में भी गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही कुछ सदस्यों को बिहार से भी गिरफ्तार किया गया था। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को कुछ सुराग मिले। जिसमें पुलिस ने चार और डकैतों को पकडऩे में सफलता हासिल की।
ये चीजें की जप्त
गोल्ड डकैती के मुख्य आरोपी जहांगीर आलम अंसारी, गोलू पासवान और उनके साथियों को जबलपुर पुलिस की टीम ने बिहार और झारखंड से किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से लगभग 50 लाख रुपए मूल्य का सोना, नगद, पिस्टल, जिंदा कारतूस, सोना गलाने वाला गैस कटर, औजार और जमीन से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
ये हुए गिरफ्तार
इस गंभीर मामले की जाँच कर रही क्राइम ब्रांच, जिला पुलिस एवं एसटीएफ बिहार के सहयोग से लगातार आरोपियों के पीछे लगी हुई थी। आरोपियों की तलाश के लिए बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश और राजस्थान में कई छापेमारी की गई। जिसमें जहांगीर आलम अंसारी ग्राम कोलुबार, थाना डुमरिया, गया, बिहार, गोलू उर्फ रविकांत पासवान ग्राम बेलखेड़ा, थाना आमस, गया, बिहार, उमेश पासवान ग्राम पांडेयपुरा, थाना हंटरगंज, गया, बिहार और हरिप्रसाद सोनी शेरघाटी, झारखंड को पकड़ा गया है।
कई लूट में हैं शामिल
पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों ने पूर्व में भी कई लूट और डकैती जैसी वारदातों को अंजाम दिया है। जिसमें चारों कई दिनों से फरार चल रहे थे। वहीं जहांगीर आलम अंसारी और गोलू पासवान कुख्यात अपराधी हैं और कई अपराधों के मामले उनके खिलाफ पहले से पंजीकृत हैं। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने बताया कि बैंक डकैती में शामिल शेष दो फरार आरोपियों और गलाए गए सोने की तलाश अभी भी जारी है। इसके लिए बिहार में टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
रायगढ़ की जेल में बनी थी योजना
इस मामले में पुलिस का आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि बैंक डकैती लूट की पूरी योजना रायगढ़ के जेल में बनाई गई थी। यहां पाटन निवासी रईश लोधी भी बंद था। उसने बिहार के अपराधी राजेश दास से मिलकर इस पूरी वारदात की साजिश रची। इसमें पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इस डकैती में झारखंड के एक बड़े गिरोह के सदस्य भी शामिल हैं। जो लूटा गया अधिकांश सोना अपने साथ ले गए हैं। पुलिस ने पूर्व में रईस के साथ स्थानीय चार लोगों को गिरफ्तार किया था। जिन्होंने डकैतों के जबलपुर में रूकने और रैकी करने में मदद की थी।

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Author: Jai Lok







