
जबलपुर (जयलोक)। संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति की सामान्य बहस में भारत की ओर से राष्ट्रीय वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने काननू के शासन की वैश्विक महत्ता पर भारत का सशक्त पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कानून का शासन, सुशासन की बुनियाद है और यह सिद्धांत न केवल किसी राष्ट्र के आंतरिक विकास, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति, स्थिरता और न्यायपूर्ण व्यवस्था के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत राष्ट्रीय सुरक्षा, न्याय की स्थापना और वैश्विक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।

श्री तन्खा ने भारत के संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक परंपराओं और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति सम्मान को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत की नीतियां हमेशा पारदर्शिता, जवाबदेही और विधि के शासन से प्रेरित रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के आयोजन के दौरान न्यूयॉर्क में हिन्दी दिवस का भी आयोजन किया गया। श्री तन्खा ने इंडिया-यूएन मिशन द्वारा हिंदी भाषा की दक्षता के लिए स्कूली छात्रों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए। गौरतलब है कि यूएन के इस आयोजन में भाग लेने भारत से 15 सांसद गए हैं।

Author: Jai Lok







