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जब न्यायाधीश ने बच्चों से कहा-कम उम्र में बड़ी जिज्ञासा है, न्यायाधीश बंसल से सिंधी विद्या समिति स्कूल के बच्चों ने सीधे पूछे सवाल, मिला अमूल्य मार्गदर्शन

जबलपुर (जयलोक)। बच्चों के बीच पहुँचे हाईकोर्ट के न्यायाधीश द्वारकाधीश बंसल से जब मासूम बच्चों ने सीधे अपनी मन की बात रखते हुए सवाल पूछे तो न्यायाधीश श्री बंसल भी बच्चों के इस बालपन से काफी प्रभावित हुए और उन्होंने कहा कि इस स्कूल के बच्चे दूसरे बच्चों के मुकाबले काफी तेज हैं, बच्चों में बेसिक एटिकेट्स हैं। न्यायाधीश श्री बंसल से जब बच्चों ने सवाल किए तब बच्चों के प्रश्न सुनकर उन्होंने कहा कि वाकई में इतनी कम उम्र के बच्चों में इतनी जिज्ञासा है यह काबिलियत तारीफ है। स्व. किशोर बचवानी का सपना पूरा होता दिख रहा है, उनका सिर्फ  एक सपना था कि अर्थ के आभाव में किसी बच्चे का भविष्य ना खराब हो।
सिंधी विद्या समिति स्कूल में बाल दिवस के मौके पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर भाजपा के नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। स्कूल के अध्यक्ष सोनू बचवानी ने बताया कि बाल दिवस के अवसर पर सिंधी विद्या समिति द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश द्वारकाधीश बंसल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की। इस स्कूल में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को नाममात्र शुल्क पर शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है, जो संसाधनों के अभाव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। इस सामाजिक सरोकार की शुरुआत समिति के संस्थापक, स्वर्गीय किशोर बचवानी द्वारा की गई थी।
कार्यक्रम में न्यायाधीश श्री बंसल ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्जवल भविष्य के लिए प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि जीवन में सफलता का आधार केवल पुस्तकें नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और सकारात्मक सोच है। विद्यार्थी जीवन वह समय है जब आदतें, लक्ष्य और संस्कार तय होते हैं। यदि बच्चे आज ईमानदारी, समय-प्रबंधन और आत्मविश्वास को अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो भविष्य में उन्हें कोई भी चुनौती रोक नहीं सकती।

उन्होंने बच्चों को जीवन की बारीकियों से अवगत कराते हुए कहा कि हर अवसर सीख का माध्यम है चाहे वह जीत हो या असफलता।

कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर ने भी बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि देश के निर्माण में युवा पीढ़ी की भूमिका सर्वोपरि है। साथ ही पश्चिम मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक कमल तलरेजा ने भी अपनी स्नेहिल उपस्थिति से बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि परिश्रम और संकल्प सफलता की अनिवार्य कुँजी हैं। उन्होंने बच्चों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने तथा दृढ़ता से आगे बढ़ते रहने की सीख दी।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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