
नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका में इस वक्त जी 20 शिखर सम्मेलन का आयोजन चल रहा है। आज सम्मेलन के दूसरे दिन कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और जर्मनी के चांसलर फ्ऱीडरिख मर्ज ने यूक्रेन युद्ध और गाजा की स्थिति पर गहन चर्चा की। दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि यूक्रेन से जुड़े किसी भी समझौते में कीव की भागीदारी और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित होना आवश्यक है।

गाजा पर उन्होंने कॉम्प्रीहेंसिव पीस प्लान का समर्थन किया और बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता को गाजा में एंट्री देने पर जोर दिया। इसके अलावा कनाडा और जर्मनी ने महत्वपूर्ण खनिजों, साफ ऊर्जा, एआई, एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में गहरी साझेदारी पर भी बात की।

जोहनसबर्ग में आयोजित त्र20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा ले रहे हैं। वे इस दौरान कई द्विपत्रक्षीय मुलाकातें कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि जी 20 नेताओं के साथ वैश्विक प्रगति और समृद्धि के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत है। वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पीएम मोदी ने यहां वन अर्थ, वन फैमिल, वन विजन पर आधारित पहले सत्र में चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। यह उनका 12वां जी-20 समिट है।

ऑस्ट्रेलिया-कनाडा के साथ त्रिपक्षीय टेक्नोलॉजी समझौता
पीएम मोदी ने यहां ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के साथ मिलकर भारत के त्रिपक्षीय समझौते की नींव रखी। हुई एक मुलाकात के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिये बताया कि हमें ये बताते हुए खुशी हो रही है कि तीनों देश तकनीक, आविष्कार और पार्टनरशिप के मोर्चे पर साथ हैं। इस तरह से हम तीन महाद्वीपों के तीन डेमोक्रैटिक पार्टनर्स सप्लाई चेन, क्लीन एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मामले में एक साथ आए हैं।
नशे और आतंकवाद से लडऩे पर जोर
खुले सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने वैश्विक विकास लक्ष्यों की पुनर्समीक्षा की जरूरत बताई। उन्होंने ड्रग-टेरर नेक्सस से निपटने के लिए जी 20 के भीतर एक नई पहल की भी मांग की, ताकि दुनिया भर में नशीली दवाओं के नेटवर्क और आतंकवाद की आर्थिक सहायता पर कड़ा प्रहार किया जा सके। पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा को इस महत्वपूर्ण समिट की मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया।
Author: Jai Lok







