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चहेतों के नामों को संगठन में लाने की नहीं सुलझ पा रही उलझी गुत्थी, भाजपा संगठन में 9-9 वर्षों से काबिज हैं बहुत सारे पदाधिकारी

जबलपुर (जय लोक)।  भारतीय जनता पार्टी नगर संगठन की घोषित होने वाली कार्यकारिणी बीरबल की खिचड़ी से भी ज्यादा कठिन हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ जनों का भी यही मानना है कि संगठन में शामिल होने का संघर्ष है और अपने चहेतों  के नामों को कार्यसमिति में महत्वपूर्ण पदों पर सुशोभित कराने की जो जंग जारी है उसके कारण ही यह उलझी हुई गुत्थी नहीं सुलझा पा रही है। इस गुत्थी को और अधिक उलझाने का काम कुछ ऐसे भी प्रभावशाली व्यक्तित्व कर रहे हैं जो कुछ एक नाम को लेकर खुलकर विरोध में खड़े हो गए हैं। किसी के नाम पर सहमति बनाना और किसी नाम को हटवाने की यह कवायत लगातार जारी है।  यही वजह है कि नगर भाजपा के विगत दो अध्यक्षों का कार्यकाल गुजर जाने के बाद भी जो बनी हुई जिले की कार्यकारिणी है वही आज तक चली आ रही है। जीएस ठाकुर नगर भाजपा के करीब 7 वर्षों तक नगर अध्यक्ष रहे हैं उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में और दूसरे कार्यकाल में अपनी कार्य समिति बनाई थी जिसमें उन्होंने अपने पहले कार्यकाल के कुछ पदाधिकारी को अपने दूसरे कार्यकाल में भी पदाधिकारी बना दिया था ऐसे बहुत से भाजपा के पदाधिकारी हैं जिनका 9 वर्ष से अधिक का कार्यकाल हो चुका है और वह अभी भी काबिज हैं और आगे भी पदाधिकारी बनने की उम्मीद  पाले हुए हैं।

प्रभात साहू भी नहीं बना पाए थे कार्यकारिणी

जिस तरह की खींचातानी कार्यकारिणी के गठन के लिए अभी चल रही है ऐसे ही खिंचातानी  तब मची थी जब प्रभात साहू नगर भाजपा के अध्यक्ष रहे। भाजपा अध्यक्ष प्रभात साहू इसी खींचतानी और उठा पटक के कारण निष्पक्ष भाव से अपनी कार्यकारिणी घोषित नहीं कर पाए थे।

अभी भी मौजूद है बड़ी टीम

वर्तमान समय में आज भाजपा नगर कार्यकारिणी में 9 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री जिनमें से एक अब वर्तमान में अध्यक्ष बन चुके हैं। इसके अलावा 9 मंत्री भी शामिल हैं। इनमें से बहुत से ऐसे सदस्य हैं। की पदाधिकारियों को 9 वर्ष से  अधिक का कार्यकाल जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी के रूप में हो गया है। इनमें से कुछ ऐसे नाम भी है जो वर्तमान कार्यकारिणी के गठन में फिर से दावेदारी कर रहे हैं। तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अधिवक्ता जीएस ठाकुर का कार्यकाल लगभग 7 साल का था। इस दौरान दो बार जिला भाजपा की कार्यकारिणी गठन और विस्तार संपन्न हुआ। वर्तमान कार्यकारिणी में अधिकांश संगठन की प्रोफाइल वाले लोग ज्यादा हैं।
तीन महामंत्री में से एक रत्नेश सोनकर थे  जिन्हें वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी नगर अध्यक्ष पद का दायित्व  सौंपा है। अब दो कार्यकाल के अंतराल के बाद नई कार्यकारिणी गठित करने का जिम्मा रत्नेश सोनकर पर है। 2015 में जब जीएस ठाकुर नगर अध्यक्ष बने थे तो उनके प्रथम कार्यकाल में पंकज दुबे, रजनीश यादव, रत्नेश सोनकर जिला महामंत्री बनाए गए थे। इसके बाद दूसरे कार्यकाल में पंकज दुबे उपाध्यक्ष, रजनीश यादव उपाध्यक्ष तृष्णा चटर्जी, अंजू भार्गव उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा उपाध्यक्ष, दूसरे कार्यकाल में हर्षित सिंघाई, कैलाश साहू,अभय सिंह ठाकुर, उपाध्यक्ष बनाए गए थे। राघवेंद्र यादव ,रंजीत पटेल, संतोषी ठाकुर सहित अन्य लोग दूसरे कार्यकाल में मंत्री बनाए गए थे।

रोज लग रही हैं अटकलें

वर्तमान में भी जिले की कार्यकारिणी घोषित होने की अटकलें रोज लगाई जाती है। हर सप्ताह इसकी घोषणा की तारीख कार्यकर्ताओं के बीच में चर्चित होती है। लेकिन इसकी घोषणा नहीं हो पा रही है। इसकी मुख्य वजह यही बताई जा रही है कि कुछ प्रभावशाली लोग अपने चहेतों के नामों को  शामिल करवाने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। कुछ नाम ऐसे हैं जिनका विरोध भी किया जा रहा है। इस विरोध के पीछे व्यक्तिगत, सामाजिक, जातिगत, क्षेत्रवाद कई प्रकार के कारण गिनाए जा रहे हैं।

संगठन निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र-अभिलाष पांडे

उत्तर मध्य क्षेत्र के विधायक अभिलाष पांडे ने जिला कार्यकारिणी के गठन के संबंध में अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए  यह बताया कि जिला संगठन की कार्यकारिणी के गठन का पूर्ण अधिकार संगठन का होता है। हम सभी संगठन की लाइन पर काम करने वाले लोग हैं प्रक्रिया को भलीभांति समझते हैं। कार्यकारिणी के पदाधिकारी के नाम के चयन का अंतिम निर्णय संगठन करता है। संगठन इसके लिए पूर्णतया स्वतंत्र है। हम किसी भी नाम की सिफारिश और खिलाफत के पक्षधर नहीं है।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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