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नए साल में शहर में दौड़ेंगी ई-बसें, 200 बसों की मिली मंजूरी, प्रदूषण कम करने और यातायात के लिए पहल

जबलपुर (जयलोक)। शहरवासियों के लिए एक खुशखबरी है। शहर में जल्द ही ई-बसें दौड़ती हुई दिखाई देंगी। जिसको मंजूरी भी मिल गई है। इन बसों के चलने से ना सिर्फ शहर के सार्वजनिक परिवहन में सुधार होगा बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी यह सुविधा काफी उपयोगी मानी जा रही है। केंद्र सरकार ने जबलपुर के लिए 200 ई-बसों के संचालन को मंजूरी दे दी है। जिसमें 100 बसों के संचालन के लिए आवश्यक टेंडर भी मंजूर कर दिया गया है। हालांकि ये बसें नए साल जनवरी में दौड़ती हुई दिखाई देंगी।

मप्र के 8 शहरों में दौड़ेगी 972 बसें

प्रदेश के आठ प्रमुख नगर निगमों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, देवास और सतना को कुल 972 ई-बसों की मंजूरी दी गई है। जिसमें जबलपुर को दो सौ बसों की मंजूरी मिली है। इन बसों की पहली खेप जल्द ही शहर पहुँचने वाली हैं। पहली खेप में सौ बसें जबलपुर आ रही हैं। शेष 100 बसें चरणबद्ध तरीके से बाद में संचालित होंगी।

बसों के चार्जिंग के लिए बनेंगे इंफास्ट्रक्चर और डिपो

शहर में दौडऩे वाली ई-बसों के लिए चार्जिंग इफास्ट्रक्चर और डिपो बनाने की भी तैयारी की जा रही है। जिसके लिए केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत राशि खर्च करेगी। इलेक्ट्रिक बसों के लिए आवश्यक चार्जिंग पॉइंट, पार्किंग और रखरखाव सुविधाएँ शहर के निर्धारित बस स्टैंड और डिपो क्षेत्रों में विकसित की जा रही हैं।

ये रहेंगी सुविधाएँ

ई-बसें ना सिर्फ परिवहन और प्रदूषण कम करने के लिहाज से जरूरी हैं बल्कि इनमें ऐसी कई खासियतें हैं जिससे इसमें सफर करने वाले यात्री और नगर निगम प्रशासन को काफी सहुलियत मिलेगी। जिसमें माइलेज, आराम, क्षमता और निर्बाध संचालन की दृष्टि से ये बेहतर साबित होंगी। इन बसों में जीपीएस, लाइव ट्रैकिंग, आधुनिक टिकटिंग सिस्टम और एसी जैसी सुविधाएँ भी हैं।

पेट्रोल-डीजल के वाहनों से बढ़ रहा प्रदूषण

शहर में दौडऩे वाले पेट्रोल डीजल के वाहनों से प्रदूषण फैल रहा है। वहीं बड़े वाहनों से भी प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही है। ऐसे में सरकार की ओर से उठाया गया यह कदम प्रदूषण कम करने में काफी कारगार साबित हो सकता है। केंद्र और राज्य सरकारों का उद्देश्य इन बसों के जरिए सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। ई-बसों के संचालन से निगम के होने वाले खर्चे में भी कमी आएगी। जिन्हें शहर के व्यस्त रूटों पर चलाने का निर्णय लिया गया है। अब नए साल में ये बसें शहर की सडक़ों पर दौड़ते हुए दिखाई देंगी।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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