
आज से बंद हुआ सिहोरा-खितौला
जबलपुर (जयलोक)। सिहोरा को जिला बनाए जाने की माँग को लेकर चल रहे आंदोलन ने अब बेहद गंभीर और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। अन्न त्याग कर अन्न सत्याग्रह कर रहे संघ के पूर्व प्रचारक प्रमोद साहू की तबियत बगड़ गई। इसके बावजूद उनका संकल्प अडिग हैं। उनका कहना है कि जब तक सिहोरा को जिला बनाने पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह त्याग जारी रहेगा। इसके साथ ही इस माँग को व्यापारियों का भी समर्थन मिल रहा है। जिसके फलस्वरूप सिहोरा खितौला को आज से बंद कर दिया गया है। आज सुबह से सिहोरा खितौला की दुकानें और बाजार बंद नजर आए। व्यापारियों का कहना है कि जब तक सिहोरा को जिला बनाने की घोषणा नहीं की जाती तब तक बाजार नहीं खुलेगा।

सरकार की संवेदनहीनता पर फूटा जनता का गुस्सा
प्रमोद साहू की हालत बिगडऩे की खबर फैलते ही पूरे सिहोरा में आमजन की चिंता के साथ-साथ सरकार के प्रति नाराजगी चरम पर पहुंच गई है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का स्वास्थ्य नहीं, बल्कि जनता की भावनाओं और अधिकारों की अनदेखी का परिणाम है। इधर पुराने बस स्टैंड पर छठवें दिन भी क्रमिक अनशन जारी रहा। साथ ही गहोई समाज के लोगों ने भी क्रमिक भूख हड़ताल में अपनी शिरकत की। विभिन्न समाजों की भागीदारी से आंदोलन और अधिक मजबूत हो गया है।

अन्न के बाद अब जल त्याग, आंदोलन और उग्र
पहले ही अन्न त्याग कर चुके प्रमोद साहू ने घोषणा की है कि आज से उन्होंने जल का भी त्याग कर दिया है। इस ऐलान ने प्रशासन और शासन पर दबाव कई गुना बढ़ा दिया है।

सिहोरा-खितौला बंद
व्यापारियों ने आंदोलन के समर्थन में आज 9 दिसंबर से संपूर्ण सिहोरा और खितौला बंद रखने का निर्णय लिया है। बाजार बंद के फैसले को जनता का खुला समर्थन मिल रहा है। वहीं सुबह से सिहोरा की दुकानें बंद नजर आईं।
आज से ही बस स्टेंड में आमरण अनशन
अगर आज के प्रदर्शन के बाद भी सरकार सिहोरा जिला को लेकर कोई निर्णय नहीं लेती तो आज तीन बजे से बस स्टेंड सिहोरा में भी आमरण अनशन की शुरुआत सिहोरा वासियों द्वारा की गई है।
Author: Jai Lok







