
जबलपुर (जयलोक)। विगत दिवस शहर में आयोजित हुए सांसद खेल महोत्सव के समापन कार्यक्रम के दौरान कुछ खिलाडिय़ों के द्वारा इनाम राशि की बात को लेकर अपना विरोध प्रकट किया गया। यह सामान्य रूप से इसलिए नहीं देखा जा रहा है क्योंकि इस आयोजन में इनाम की घोषणा सांसद आशीष दुबे के द्वारा कभी भी नहीं की गई थी। लेकिन इनाम की राशि को लेकर ही हंगामा खड़ा करने का प्रयास किया गया। अब इस बात की चर्चा पूरे जोर शोर से है कि इस आयोजन में विघ्न उत्पन्न करने के लिए जानबूझकर राजनीतिक षड्यंत्र के तहत इस पूरे घटनाक्रम को जन्म दिया गया।

सूत्रों के अनुसार राजस्थान के एक सांसद द्वारा की गई इनाम की घोषणा को यहां से जोडक़र खिलाडिय़ों को भडक़ाने का काम किया गया। प्रायोजित तौर पर खिलाडिय़ों को भडक़ाकर हंगामा करने के लिए तैयार किया। इसी अंदाज से वीडियो भी बनाए गए और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करवाया गया। इस पूरे मुद्दे में कहीं भी सांसद आशीष दुबे का पक्ष शामिल नहीं किया गया। खुद भाजपा के स्थानीय नेता भी इस पूरे घटनाक्रम पर राजनैतिक षडयंत्र की आशंका व्यक्त करते नजर आ रहे हैं क्योंकि इतने बड़े आयोजनों में इस प्रकार से हंगामा वह भी गलत बात पर भ्रम पैदा कर करवाया जाना सामान्य घटना नहीं है।

सांसद खेल महोत्सव में शुरू से लेकर आखिरी तक ना ही लिखित तौर पर और ना ही मौखिक तौर पर कभी भी सांसद आशीष दुबे या अन्य किसी के द्वारा इनाम दिए जाने की घोषणा की गई थी। लेकिन फिर भी इस विषय को मुद्दा बनाते हुए राजनीतिक षड्यंत्र के तहत कार्यक्रम को बदनाम करने का असफल प्रयास किया गया।
सांसद खेल महोत्सव में बड़ी संख्या में खिलाड़ी शामिल हुए इनमें से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिन खिलाडिय़ों को सर्टिफिकेट और मेडल दिए गए उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप कुछ राशि के लिफाफे जरूर दिए गए थे। सांसद आशीष दुबे की ओर से प्रतिभावान खिलाडिय़ों को प्रोत्साहन राशि दी गई ना की किसी प्रकार का घोषित इनाम। अब राजनीतिक क्षेत्र में इसी बात को लेकर चर्चा सरगम है कि आखिर किसने इस पूरे राजनीतिक षड्यंत्र को रचा और अंजाम दिया।

Author: Jai Lok







