
जबलपुर (जय लोक)।शहर में अवैध हथियार और असलहे की आवक अधिक है। हालांकि पुलिस भी लगातार अवैध हथियार जप्त कर रही है। लेकिन इनकी आवक और जप्ती में काफी अंतर है। विगत दो सालों में जबलपुर पुलिस अपने विभिन्न थाना क्षेत्रों में कई अपराधियों और अवैध हथियार तस्करों को पकड़ कर 150 से ज्यादा अवैध हथियार फायर आम्र्स जप्त कर चुकी है। अब पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने अवैध हथियारों के मामले में और सख्ती करने का निर्णय लिया है। इस सम्बन्ध में जयलोक से चर्चा करते हुए उन्होंने अपनी आगे की रणनीति बताई। पुलिस अधीक्षक श्री उपाध्याय ने कहा कि अवैध हथियारों को रखने वालों के साथ -साथ अब उनकी सप्लाई करने वालों को हर हाल में पकडऩे के प्रयास किये जायेंगे । अब कोई भी अपराधी अवैध हथियार पकडे जाने पर यह कहता है कि फलां जेल में बंद अपराधी से उक्त हथियार लिया था तो पुलिस उसको भी इस मामले में आरोपी बनाएगी और उनको जेल से रिमांड पर लेकर पूछ ताछ की जाएगी और उनसे भी अवैध हथियार का माध्यम उगलवाया जायेगा।विगत दो सालों में पुलिस ने 150 सौ से अधिक अवैध फायर आम्र्स जप्त किये है। वर्ष 2024 में 60 फायर आर्म्स जप्त हुए थे वही 2025 में पुलिस ने और अधिक सख्ती दिखते हुए 91 अपराधियों से अवैध हथियार जप्त किये है।

इन स्थानों के नामआये सामने
पुलिस की जाँच के दौरान यह बात सामने आई है कि जो भी अवैध हथियार बाहर से आ रहे हैं जिनमें 12 बोर -315 बोर के कट्टे, देसी पिस्टल आदि शामिल है यह सब खरगोन, भगवानपुरा, बड़वानी, के आसपास के क्षेत्र से आ रहे हैं। पुलिस ने जानकारी को एकत्रित कर आगे की जाँच की है कुछ मामलों में पुलिस स्तोत्र तक पहुँच भी गई। वहाँ यह जानकारी मिली कि इनमें से अधिकांश लोग हथियार तस्करी के मामले में पूर्व से ही विभिन्न जेल में बंद है।

पुश्तैनी हथियार भी मिले
पुलिस द्वारा अवैध रूप से हथियार पकड़े गए हैं उनमें कुछ ऐसे हथियार भी शामिल है जो पुश्तैनी रूप से लोगों के पास रखे हुए थे और उनके द्वारा उसका गलत उपयोग करने के दौरान ऐसे लोग पुलिस की हत्थे चढ़ गए। इन हथियारों की बनावट और उनके प्रकार को देखकर यह समझ में आ गया कि यह कई सालों पुराने हथियार है। इसके संबंध में भी पुलिस ने जाँच पड़ताल प्रारंभ की है।

इनका कहना है
अवैध हथियारों की धर पकड़ के लिए लगातार मुहिम चलाई जा रही है। विगत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष पुलिस ने और अधिक अवैध हथियारों को जप्त कर संबंधित अपराधियों को जेल पहुंचाने का काम किया है। अब जिससे भी अवैध हथियार बरामद होंगे उनसे उसका सोत्र गहनता से पूछा जाएगा। अगर जेल में बंद किसी आरोपी का नाम लिया जाता है तो उसे भी पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड में लगी और जांच उपरांत दोषी पाए जाने पर उसे भी आरोपी बनाया जाएगा। कई मामलों में देखा जाता है कि हथियार बरामद होने पर आरोपी किसी पुराने बदमाश या फिर मर चुके बदमाश का नाम लेता है। पुलिस यह मानती है यह भ्रमित करने का प्रयास होता है लेकिन अब ऐसे मामले में भी सख्ती से कार्यवाही करते हुए जेल में बंद आरोपियों को रिमाइंड में लेकर पूछताछ की जाएगी और उनसे भी अवैध हथियार प्राप्त करने का सोत्र पता किया जाएगा।
सम्पत उपाध्याय,पुलिस अधीक्षक
Author: Jai Lok







