
जबलपुर (जय लोक)। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच शहर का कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर न हो, इस मानवीय उद्देश्य के साथ कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने देर रात शहर के विभिन्न रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने न केवल व्यवस्थाओं को परखा, बल्कि वहां ठहरे हुए निराश्रितों से उनका हालचाल भी जाना।

व्यवस्थाओं का अवलोकन
निरीक्षण की शुरुआत राजगोकुल दास धर्मशाला, दमोह नाका और दीनदयाल बस स्टैंड, मेडिकल स्थित आश्रय स्थलों से हुई। कलेक्टर ने रैन बसेरों में मौजूद रजिस्टर की बारीकी से जांच की और दर्ज प्रविष्टियों का अवलोकन किया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि आने वाले हर जरूरतमंद का विवरण सही ढंग से दर्ज हो ताकि उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।

रैन बसेरों में घर जैसी सुविधाएं
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि नगर निगम द्वारा संचालित इन रैन बसेरों में निराश्रितों के लिए उत्तम व्यवस्थाएं की गई हैं। कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में गर्म बिस्तर और साफ सुथरे कंबल, हीटर, ठहराव के लिए सुरक्षित वातावरण, पीने का पानी और प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई है। कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि नगर निगम के रैन बसेरे उन लोगों के लिए एक सुरक्षित छत प्रदान कर रहे हैं, जिनके पास सिर छुपाने की जगह नहीं है।

कलेक्टर के निर्देश कोई भी बाहर न सोए
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने निगम अमले को निर्देश दिए कि रात के समय सडक़ों, फुटपाथों या खुले आसमान के नीचे कोई न रहे। सभी को आश्रय स्थल पर पहुंचाने का कार्य सुनिश्चित करें।
अस्पतालों का औचक निरीक्षण
आश्रय स्थलों के निरीक्षण के उपरांत कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार अचानक मेडिकल कॉलेज, विक्टोरिया और एल्गिन अस्पताल भी पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर ने मरीजों से भी बातचीत की और ड्यूटी डॉक्टरों की जानकारी ली। इस मौके पर उन्होंने मरीजों की देखभाल बेहतर ढंग से करने और वार्डों में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर उपायुक्त अंकिता जैन, सिटी मिशन मैनेजर चंदन प्रजापति, देवेश गोस्वामी आदि उपस्थित रहे।
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Author: Jai Lok







